आस्थामध्यप्रदेश

नववर्ष के पहले दिन आस्था और प्रकृति का संगम, उमरियापान में देवी-देवालयों व पर्यटन स्थलों पर उमड़ा जनसैलाब प्रसिद्ध बड़ी माई मंदिर, भरभरा आश्रम, रामकुड़ी आश्रम, करौंदी स्थित देश के केंद्र बिंदु, पाली-कचनारी स्थित वीरासन देवी मंदिर, दशरमन के महादेवी मंदिर सहित अन्य स्थलों पर रहीभारी भीड़ 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

नववर्ष के पहले दिन आस्था और प्रकृति का संगम, उमरियापान में देवी-देवालयों व पर्यटन स्थलों पर उमड़ा जनसैलाब प्रसिद्ध बड़ी माई मंदिर, भरभरा आश्रम, रामकुड़ी आश्रम, करौंदी स्थित देश के केंद्र बिंदु, पाली-कचनारी स्थित वीरासन देवी मंदिर, दशरमन के महादेवी मंदिर सहित अन्य स्थलों पर रहीभारी भीड़ 

कलयुग की कलम उमरिया पान -नववर्ष 2025 के पहले दिन गुरुवार को उमरियापान अंचल आस्था, उत्साह और प्रकृति प्रेम के रंग में रंगा नजर आया। नए साल के स्वागत को लेकर क्षेत्र के प्रमुख देवी-देवताओं के धार्मिक स्थलों एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह तड़के से ही लोग परिवार, मित्रों और रिश्तेदारों के साथ दर्शन-पूजन और भ्रमण के लिए निकल पड़े, जिससे पूरा क्षेत्र मेले जैसा प्रतीत हुआ।

उमरियापान क्षेत्र के प्रसिद्ध बड़ी माई मंदिर, भरभरा आश्रम, रामकुड़ी आश्रम, करौंदी स्थित देश के केंद्र बिंदु, पाली-कचनारी स्थित वीरासन देवी मंदिर, दशरमन के महादेवी मंदिर सहित अन्य देवी स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसरों में घंटियों की गूंज, पूजा-अर्चना और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के दर्शन कर नए वर्ष में परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

नववर्ष के अवसर पर विशेष रूप से देश के केंद्र बिंदु करौंदी में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने केंद्र बिंदु के दर्शन के साथ-साथ परिसर में बने स्मारकों और मंदिरों का भ्रमण किया। युवाओं और परिवारों ने इस अवसर को यादगार बनाने के लिए फोटो और वीडियो भी बनाए, जिन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर उमरियापान के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों की तस्वीरें पूरे दिन छाई रहीं।

धार्मिक स्थलों के साथ-साथ क्षेत्र के प्राकृतिक स्थलों पर भी नववर्ष का उत्साह देखने को मिला। कई परिवारों और मित्र मंडलियों ने जंगल और खुले प्राकृतिक वातावरण में वनभोज का आयोजन कर नए साल का जश्न मनाया। हरियाली, शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच लोगों ने पिकनिक का आनंद लिया, जिससे पर्यटन स्थलों पर भी रौनक बनी रही।

नववर्ष की पूर्व संध्या से ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन शुरू हो गया था, जो देर रात तक जारी रहा। वहीं नववर्ष के दिन भी सुबह से शाम तक दर्शन और भ्रमण का सिलसिला चलता रहा। भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रमुख धार्मिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नववर्ष पर इस तरह की भीड़ से क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन पहचान को नई मजबूती मिलती है। व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए भी यह दिन खास रहा, क्योंकि मंदिरों और पर्यटन स्थलों के आसपास चाय-नाश्ते, प्रसाद और अन्य सामग्री की दुकानों पर अच्छी चहल-पहल देखने को मिली।कुल मिलाकर नववर्ष 2025 का पहला दिन उमरियापान क्षेत्र में आस्था, आनंद और उल्लास के साथ मनाया गया। देवी-देवताओं के दर्शन, प्रकृति के सान्निध्य और आपसी मेल-मिलाप ने नए साल की शुरुआत को यादगार बना दिया।

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