धान उपार्जन में फर्जीवाड़े पर प्रशासन का करारा प्रहार 7 फर्जी किसानों का पंजीयन पकड़ा, निरस्तीकरण का प्रस्ताव भेजा तीन उपार्जन केंद्रों पर औचक कार्रवाई, खरीदी प्रभारियों को नोटिस
कलयुग की कलम से राकेश यादव

धान उपार्जन में फर्जीवाड़े पर प्रशासन का करारा प्रहार 7 फर्जी किसानों का पंजीयन पकड़ा, निरस्तीकरण का प्रस्ताव भेजा तीन उपार्जन केंद्रों पर औचक कार्रवाई, खरीदी प्रभारियों को नोटिस
कलयुग की कलम कटनी -खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान हो रही अनियमितताओं पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए फर्जी किसानों और बिचौलियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की सतर्क निगरानी में किए गए सत्यापन में 7 किसानों के धान पंजीयन फर्जी पाए गए हैं, जिनका पंजीयन निरस्त करने का प्रस्ताव आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण को भेज दिया गया है।
एसडीएम स्तर पर हुआ भौतिक सत्यापन
कलेक्टर के निर्देश पर जिले की सभी 9 तहसीलों में प्रत्येक तहसील के 20-20 सर्वाधिक रकबा वाले किसानों की फसल और भूमि का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान बहोरीबंद अनुविभाग के 6 और कटनी अनुविभाग के 1 किसान का पंजीयन नियम विरुद्ध पाया गया। इन सातों किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 103.22 हेक्टेयर दर्ज था।
फसल नहीं, किसान नहीं—फिर भी पंजीयन
जांच में कहीं खेतों में फसल ही नहीं मिली, कहीं किसान के नाम में गड़बड़ी पाई गई, तो कहीं संबंधित व्यक्ति गांव में निवासरत ही नहीं था। बहोरीबंद अनुविभाग के ग्राम भूला, उमरिया, गुदरी, चपुहुला, डबुली और रितुवा के 6 किसानों तथा रीठी तहसील के ग्राम मढ़िया निवासी एक व्यक्ति का पंजीयन त्रुटिपूर्ण पाया गया।
तीन उपार्जन केंद्रों पर औचक निरीक्षण
सोमवार को गठित संयुक्त जांच दल ने निगहरा, विजयराघवगढ़ और हीरापुर कौड़िया उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निगहरा केंद्र में अधिक तौल, अप्रमाणित कांटे, टैग में किसान कोड का अभाव और अवैध राशि वसूली जैसी गंभीर खामियां उजागर हुईं। वहीं विजयराघवगढ़ केंद्र पर भी निर्धारित मानक से अधिक तौल लेने की पुष्टि हुई। कौड़िया केंद्र में अभिलेखों का सही संधारण नहीं पाया गया।
इन सभी मामलों में संबंधित तीन खरीदी प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी दर्ज हो चुकी हैं एफआईआर
प्रशासन की सख्ती के चलते फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। इससे पूर्व एक कंप्यूटर ऑपरेटर सहित चार लोगों के विरुद्ध कुठला थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। साथ ही जिले में अब तक 56 हजार क्विंटल से अधिक अवैध रूप से भंडारित धान जब्त किया गया है और 20 जनवरी तक उसकी निकासी पर रोक लगाई गई है।कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



