वनांचल की हकीकत जानने मैदान में उतरे पत्रकार, विकास कार्यों की परख और जनसमस्याओं का खुला सच
कलयुग की कलम से राकेश यादव

वनांचल की हकीकत जानने मैदान में उतरे पत्रकार, विकास कार्यों की परख और जनसमस्याओं का खुला सच
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत आने वाले ग्रामीण वनांचल क्षेत्र की कचनारी ग्राम पंचायत एवं उसके आश्रित गांव मुखास, खवरवानी, देगवां और महगवां में विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए पत्रकार साथियों द्वारा क्षेत्र का व्यापक भ्रमण किया गया। इस दौरान शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए विकास कार्यों की स्थिति का अवलोकन किया गया, वहीं ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनी गईं।
भ्रमण के दौरान यह देखने को मिला कि कुछ स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं के अंतर्गत सड़क, नाली, आवास और पेयजल जैसे कार्य कराए गए हैं, हालांकि कई गांवों में अभी भी अधूरे कार्य और सुविधाओं की कमी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि शासन की योजनाएं कागजों में तो दर्ज हैं, लेकिन उनका लाभ सभी जरूरतमंदों तक समान रूप से नहीं पहुंच पा रहा है।
क्षेत्र की महिलाओं ने विशेष रूप से पंचायत में चल रहे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य प्रारंभ होने की जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि रोजगार गारंटी के अंतर्गत काम मिलने से उन्हें कुछ राहत तो मिली है, लेकिन काम की निरंतरता, मजदूरी के समय पर भुगतान और कार्य स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।
ग्रामीणों ने पत्रकारों के समक्ष सड़क मरम्मत, पेयजल संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, नियमित राशन वितरण, विद्युत व्यवस्था और रोजगार के स्थायी साधनों को लेकर अपनी पीड़ा खुलकर रखी। कई ग्रामीणों का कहना था कि शिकायतों के बाद भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
पत्रकार भ्रमण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति को और तेज करने तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी आवाज जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचेगी और आने वाले समय में जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही देखने को मिलेगी।



