बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम का रोडमैप तय, कलेक्टर तिवारी की पहल से ‘सक्सेस 3.0’ की शुरुआत
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम का रोडमैप तय, कलेक्टर तिवारी की पहल से ‘सक्सेस 3.0’ की शुरुआत
कलयुग की कलम कटनी -जिले में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को गुणात्मक रूप से बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक सशक्त और सुचिंतित पहल की है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर सत्र 2025-26 में हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार, प्रदेश की प्रवीण सूची में जिले के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने तथा कमजोर विद्यार्थियों को विशेष अकादमिक सहयोग देने के लिए ‘सक्सेस 3.0’ अभियान की शुरुआत 23 दिसंबर से की जा रही है।इस संबंध में जिले के समस्त शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्राचार्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रतिदिन अभ्यास, नियमित मूल्यांकन
जारी निर्देशों के अनुसार ‘सक्सेस 3.0’ के तहत प्रतिदिन प्रत्येक विषय के 10-10 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर तैयार किए जाएंगे। ये प्रश्नोत्तर प्रतिदिन कटनी प्रिंसिपल व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए जाएंगे। वहां से संबंधित विषय शिक्षक उसी दिन विद्यार्थियों के ग्रुप में इन्हें भेजना सुनिश्चित करेंगे।
विद्यार्थी विषयवार अलग-अलग कॉपियों में प्रश्न-उत्तर लिखकर लाएंगे। जो विद्यार्थी लिखकर नहीं लाएंगे, उनसे संबंधित विषय शिक्षक अपने कालखंड में लिखवाकर कार्य पूर्ण कराएंगे। प्रत्येक विषय शिक्षक एक दिवस पूर्व प्राप्त प्रश्नों को सभी विद्यार्थियों से पूछेंगे तथा उनके द्वारा तैयार की गई उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे।
रेंडम जांच और साप्ताहिक टेस्ट
अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन विद्यार्थियों की ‘सक्सेस 3.0’ की विषयवार कॉपियों की रेंडम जांच की जाएगी। साथ ही प्रत्येक विषय शिक्षक द्वारा सप्ताह में एक दिन सभी विद्यार्थियों का टेस्ट लिया जाएगा और उसका रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा।अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कमजोर पाए गए विद्यार्थियों की प्रतिदिन सतत मॉनीटरिंग की जाएगी तथा उन्हें प्रश्न-उत्तर नियमित रूप से याद कराए जाएंगे, ताकि वे बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
सख्त निगरानी, जवाबदेही तय
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि इस योजना की जिला एवं विकासखंड कार्यालय स्तर से सतत निगरानी की जाएगी। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं पाया गया, तो संबंधित शिक्षक एवं प्राचार्य के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।



