चूना भट्ठे में जला कर की गई कैशियर की निर्मम हत्या, 5 दोषियों को आजीवन कारावास कुठला पुलिस की सूझबूझ से सुलझा था अंधा हत्याकांड, न्यायालय ने सुनाया कड़ा फैसला
कलयुग की कलम से राकेश यादव

चूना भट्ठे में जला कर की गई कैशियर की निर्मम हत्या, 5 दोषियों को आजीवन कारावास कुठला पुलिस की सूझबूझ से सुलझा था अंधा हत्याकांड, न्यायालय ने सुनाया कड़ा फैसला
कलयुग की कलम उमरिया पान-जिले के सबसे सनसनीखेज और जघन्य हत्याकांडों में शामिल सिमको कंपनी कैशियर हत्याकांड में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। लगभग एक वर्ष पूर्व चूना भट्ठे में जला कर की गई निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, बल्कि पुलिस की विवेचना और अभियोजन की मजबूत पैरवी पर भी मुहर लगी है।
यह फैसला नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी की अदालत द्वारा 16 दिसंबर 2025 को सुनाया गया। न्यायालय ने आरोपी आशीष सिंह गोंड, विनोद सिंह गोंड, रंजीत उर्फ गोलू सिंह गोंड, समन सिंह गोंड एवं बृजरानी सिंह गोंड को जघन्य अपराध का दोषी मानते हुए कठोर दंड से दंडित किया।
कुठला पुलिस ने सुलझाया था चुनौतीपूर्ण केस
इस अंधे हत्याकांड ने उस समय पूरे जिले को हिला कर रख दिया था। पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे थे, लेकिन तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने अपनी टीम के साथ जिस सूझबूझ, तकनीकी विवेचना और मेहनत से मामले की गुत्थी सुलझाई, वह काबिले-तारीफ रही।
उनके साथ एसआई विनोद सिंह एवं प्रधान आरक्षक नंदकिशोर अहिरवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस द्वारा तैयार की गई मजबूत केस डायरी और साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में प्रभावी पैरवी की।
क्या था पूरा मामला
मीडिया सेल प्रभारी एवं विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र कुमार गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम मुडेहरा, थाना बड़वारा निवासी समनू प्रसाद विश्वकर्मा पिछले करीब 25 वर्षों से सिमको कंपनी, कछगंवा में कैशियर के पद पर कार्यरत था।
20 जून 2024 की सुबह सिमको कंपनी के चूना भट्ठे में उसकी अधजली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। प्रारंभिक जांच में यह मामला पूरी तरह अंधा प्रतीत हो रहा था। बाद में जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लूटपाट व मारपीट के बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से उसे चूना भट्ठे में फेंक दिया था।
अदालत का कड़ा फैसला
माननीय न्यायालय ने साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों से संतुष्ट होकर—चार आरोपियों को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास व ₹5,000 अर्थदंड,धारा 458 व 397 सहपठित धारा 34 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹3,000 अर्थदंड,धारा 201 सहपठित धारा 34 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹2,000 अर्थदंड से दंडित किया।वहीं आरोपी बृजरानी सिंह को धारा 412 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹3,000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
न्याय की जीत, पुलिस की प्रतिष्ठा बहाल
यह हत्याकांड कटनी जिले के सबसे जघन्य अपराधों में शुमार रहा है। जिस मामले में एक समय पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी, उसी प्रकरण में आज दोषियों को सजा दिलाकर कुठला पुलिस ने न केवल अपनी कार्यकुशलता सिद्ध की, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है।



