सिहोरा जिले का दावा मजबूत—आयोग को सौंपा विस्तृत प्रस्ताव, आंदोलन तेज बड़ी ग्राम पंचायतों को तहसील बनाने का सुझाव
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सिहोरा जिले का दावा मजबूत—आयोग को सौंपा विस्तृत प्रस्ताव, आंदोलन तेज बड़ी ग्राम पंचायतों को तहसील बनाने का सुझाव
कलयुग की कलम सिहोरा – सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर सक्रिय लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग, भोपाल को बिंदुवार तैयार किया गया विस्तृत दावा पत्र सौंप दिया है। समिति ने अपने प्रस्ताव में सिहोरा को जिला घोषित करने के लिए सभी आवश्यक दक्षताओं का उल्लेख करते हुए मझगवां, गोसलपुर और गांधीग्राम को नई तहसीलों के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया है। यह दावा पत्र आयोग के अध्यक्ष एस. एन. मिश्रा को सौंपा गया।
आयोग की अनुशंसाओं पर जल्द लेगी सरकार बड़ा निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यभार ग्रहण करते ही मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन किया है। यह आयोग पूरे प्रदेश की संभागीय, जिला एवं तहसील सीमाओं का जनसुविधा आधारित पुनर्गठन कर सरकार को सुझाव देगा।माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट पर निर्णय 1 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली जनगणना से पहले ही लागू हो सकता है, जिससे प्रदेश में कई नए जिलों के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा।
सरकार की नीति के अनुसार सिहोरा का मजबूत दावा
समिति ने अपने दावे में यह स्पष्ट किया है कि सरकार की मंशा है कि कोई भी ग्राम अपने जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर से अधिक दूर न हो। इसी आधार पर समिति ने गांधीग्राम, मझौली, स्लीमनाबाद, बहोरीबंद, बाकल, सिलोंडी, ढीमरखेड़ा, खमतरा, बचैया सहित कई क्षेत्रों को सिहोरा जिले में शामिल करने का प्रस्ताव रखा, जिससे सिहोरा का जिला बनना और जनसुविधा का संतुलन दोनों सुनिश्चित हो सकें।
बड़ी ग्राम पंचायतों को तहसील बनाने का सुझाव
आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में समिति ने पुरानी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों—मझगवां, गोसलपुर और गांधीग्राम—को नई तहसीलों का दर्जा देने की अनुशंसा की है। समिति का कहना है कि कई ग्राम वर्तमान तहसील मुख्यालयों से दूर होने के कारण परेशान होते हैं, इसलिए उनके पुनर्गठन की आवश्यकता है।
संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर—अन्न सत्याग्रह और आमरण अनशन की तैयारी
सिहोरा जिला आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। समिति के आव्हान पर अब तक 700 से अधिक अभ्यावेदन आयोग को भेजे जा चुके हैं।
इसके साथ ही 6 दिसंबर से अन्न सत्याग्रह और 9 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है। व्यापारी संघ भी 9 दिसंबर से अनिश्चितकालीन सिहोरा बंद के समर्थन में लगातार बैठकें कर रहा है।
पिछले चार दिनों से समिति के सदस्य घर-घर पहुंचकर जनसमर्थन जुटाने और जागरूकता पर्चे बांटने में लगे हुए हैं।आयोग को ज्ञापन सौंपते समय प्रमुख सदस्य रहे मौजूद दावा पत्र सौंपने के दौरान समिति के अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्ण कुमार कुररिया, मानस तिवारी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।



