एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि गोहल ने घोर लापरवाही बरतने वाले पटवारी पर की सख्त कार्यवाही, कर्मचारियों में मचा हड़कंप मृतकों की उपस्थिति में पटवारी ने किया सीमांकन तो एसडीएम ने कर दिया निलंबित निलंबित पटवारी दान सिंह के और कारनामों का जल्द होगा खुलासा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि गोहल ने घोर लापरवाही बरतने वाले पटवारी पर की सख्त कार्यवाही, कर्मचारियों में मचा हड़कंप मृतकों की उपस्थिति में पटवारी ने किया सीमांकन तो एसडीएम ने कर दिया निलंबित निलंबित पटवारी दान सिंह के और कारनामों का जल्द होगा खुलासा
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – ढीमरखेड़ा मुख्यालय में पदस्थ पटवारी दान सिंह का कारनामा जिसने मृतकों की उपस्थिति में सीमांकन कर दिया, हालांकि उसके इस कारनामें के कारण अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुये मुख्यालय में संलग्न करने आदेश दिये है।
विदित हो कि हल्का पटवारी दान सिंह के द्वारा सीमांकन की कार्यवाही में दो मृतकों के फर्जी हस्ताक्षर बनाये गये इसके साथ ही कुछ ऐसे सरहदी किसानों के भी हस्ताक्षर पंचनामा में किये गये थे जो मौके पर न तो मौजूद थे और न ही उनकी भूमि सीमांकन के स्थान पर थी लेकिन ढीमरखेड़ा तहसील में पदस्थ भ्रष्ट पटवारी दान सिंह के द्वारा एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की मंशा से नियमों को ताक पर रखकर विधि विरूद्ध रूप से पंचनामा की कार्यवाही तैयार करते हुये उसे न्यायालय में पेश किया गया है। यहां पर यह भी स्मरण रहे कि जिस स्थान का सीमांकन किया गया है वह नाले की भूमि है और राजस्व अभिलेखों में भी इंद्राज है बावजूद इसके शासकीय भूमि का सीमांकन करते हुये एक पटवारी के द्वारा एक व्यक्ति की भूमि वहां पर बताई गई है। हालांकि इस भ्रष्ट पटवारी का यह कोई पहला कारनामा नहीं है क्षेत्र में इस तरह के और भी मामले सामने आये है जिनका भी खुलासा जल्द ही किया जायेगा।
ये है मामला
शिकायतकर्ता विवेक निधि रजक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन उपाध्यक्ष ढीमरखेड़ा ने बताया कि दिनांक 25.5.2025 को जमुना बाई पति गणेश राय ढीमरखेड़ा स्थित भूमि खसरा नंबर 141/3 रकबा 0.22 हेक्टेयर भूमि में से 1090 वर्ग फुट का सीमांकन हेतु खसरा नंबर 141/5 रकवा 0.01 हेक्टर शासकीय भू जल नाला पर निर्मित मकान का सीमांकन हल्का पटवारी के द्वारा किया गया।
बगैर किसानों को सूचना दिए सीमांकन किया गया मुख्यालय पटवारी द्वारा सभी किसानों की स्वयं फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, शिकायतकर्ता द्वारा जब राजस्व प्रकरण क्रमांक /0069/ अ -12/2025-26 की नकल निकलवाई गई तो इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पटवारी के द्वारा सीमांकन कार्यवाही में मृत जगदीश और सुरेश के हस्ताक्षर बना लिये गये है जबकि इनका निधन हो चुका है। इसी तरह से पटवारी के द्वारा सरहदी किसान मुकेश, कमलेश, प्रतिभा, जन्मेजय रजक के भी फर्जी हस्ताक्षर बनाये गये है। सीमांकन की त्रुटिपूर्ण कार्यवाही करते हुये जमुना राय को भूमिस्वामी घोषित कर दिया गया है। इसी तरह से निलंबित पटवारी के द्वारा शासकीय जल नाल के खसरा नम्बर 78, 262, 324, 407 ,867 ,794 ,97, 141/5 में भी कई लोगों को कब्जा करवा दिया गया है।
इनका कहना है
सीमांकन कार्यवाही में पटवारी दान सिंह के द्वारा अपने पदीय दायित्वों में घोर, लापरवाही बरती गई। मृत किसानों के हस्ताक्षर पंचनामा में पाये गये है जो पटवारी की घोर लापरवाही को उजागर करता है। दोषी पटवारी को निलंबित करते हुये मुख्यालय में संलग्न किया गया है।



