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जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर जनपद अध्यक्ष सुनीता दुबे ने उठाई ढीमरखेड़ा सेक्टर से उपयंत्री सुमित साहू को हटाने की मांग।जनपद अध्यक्ष ने जिला पंचायत सीईओ को भेजे पत्र में अनुभवहीनता के चलते विकास कार्यों में आ रही बाधाओं का किया उल्लेख।

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर जनपद अध्यक्ष सुनीता दुबे ने उठाई ढीमरखेड़ा सेक्टर से उपयंत्री सुमित साहू को हटाने की मांग।जनपद अध्यक्ष ने जिला पंचायत सीईओ को भेजे पत्र में अनुभवहीनता के चलते विकास कार्यों में आ रही बाधाओं का किया उल्लेख।

कलयुग की कलम उमरिया पान -जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने ढीमरखेड़ा सेक्टर में पदस्थ उपयंत्री सुमित साहू को हटाने के संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक पत्र लिखकर मांग की है। पत्र में अध्यक्ष ने उल्लेख किया है कि क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों द्वारा उनसे संपर्क कर उपयंत्री सुमित साहू की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त किया गया है। बताया गया कि उपयंत्री की अनुभवहीनता के कारण पंचायतों में विकास कार्य समय पर नहीं हो पा रहे, जिससे आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

जनपद अध्यक्ष ने लिखा है कि शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों के संचालन में कोई बाधा न उत्पन्न हो, इसलिए यह आवश्यक है कि उपयंत्री सुमित साहू को ढीमरखेड़ा सेक्टर से हटाकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (R.E.S.) में संलग्न कर दिया जाए। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया है कि इस सेक्टर का प्रभार अनुभवी उपयंत्री अनिल जाटव या प्रदीप यादव को सौंपा जाए, ताकि क्षेत्रीय विकास की गति बाधित न हो।

पत्र में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया है कि यदि समय रहते यह परिवर्तन नहीं किया गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरी पड़ी विकास योजनाएं और अधिक विलंब का शिकार हो सकती हैं, जिससे शासन की छवि और आमजन का विश्वास दोनों प्रभावित हो सकते हैं। जनपद अध्यक्ष ने जिला पंचायत प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस विषय को प्राथमिकता पर लेकर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

सूत्रों की मानें तो हाल के महीनों में क्षेत्रीय पंचायतों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि निर्माण और अन्य विकास कार्यों में अपेक्षित गति और समन्वय नहीं दिख रहा है। कई ग्रामीणों और पंचायत सचिवों ने भी अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत दिए थे कि उपयंत्री का तकनीकी मार्गदर्शन और व्यवस्थापन कौशल स्तर क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है।

इस पूरे मामले को जनप्रतिनिधियों की सामूहिक चिंता के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में जनपद अध्यक्ष द्वारा सीधा पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करना यह दर्शाता है कि अब जनप्रतिनिधि क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर गंभीर और मुखर रुख अपना रहे हैं।

अब यह देखना अहम होगा कि जिला पंचायत प्रशासन इस पत्र पर किस प्रकार की कार्रवाई करता है और ढीमरखेड़ा सेक्टर में विकास कार्यों की गति को बनाए रखने हेतु कौन-से प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।

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