बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है होली बड़े हर्ष उल्लास के साथ रंगों के त्यौहार होली में रंग, गुलाल लगाकर दी एक दूजे को बधाई
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है होली बड़े हर्ष उल्लास के साथ रंगों के त्यौहार होली में रंग, गुलाल लगाकर दी एक दूजे को बधाई
कलयुग की कलम उमरिया पान-ढीमरखेड़ा उमरिया पान सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े हर्षोल्लास के साथ रंगों का पर्व होली का त्यौहार मनाया गया। होलिका दहन होने के बाद ग्रामीणों ने ग्राम का भ्रमण कर सभी देवी दिवालों में फाग गाकर मनाया शांतिपूर्ण होली का त्यौहार ग्रामीणों ने एक दूसरे को गले मिलकर बधाई देते हुए बड़े हर्षोल्लास के साथ होली का त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया।

इस अवसर पर फाल्गुन मास में गाए जाने वाले फाग टमकी मिरदंग की धुन पर तो कहीं डीजे की धुन पर लोग जमकर थिरके और नृत्य करते हुए, रंगों से सराबोर हुए। ग्रामवासियों ने मिलकर शांतिपूर्ण ढंग से इस त्यौहार पर सभी को आपसी प्रेम व एकता की मिशाल कायम करते हुए एकसाथ मिलकर होली का त्यौहार मनाया गया।
होलिका दहन का महत्व
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक आत्मा की शुद्धि और मन की पवित्रता का प्रतीक है होली होलिका दहन की अग्नि में हर चिंता और दुख खत्म हो जाते हैं विधि विधान से होलिका पूजा और होलिका दहन करने से मुश्किलें जल्द दूर हो जाती हैं होलिका दहन की अग्नि में देवता को समर्पित किया गया भविष्य अन्य देवता की प्रसन्नता का कारण बनता है होलिका दहन की अग्नि में मन के भीतर छाए अहंकार अज्ञान व दुष्कर्म का त्याग कर उसे सत्कर्मों का रक्षा कवच पहनकर प्रहलाद की ही भांति निरापद बाहर आया जा सकता है।
होलिका दहन से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार होलीका हिरण कश्यप की बहन थी होलिका को यह वरदान था कि उसे अग्नि नहीं जला सकती होलीका ने अपने भतीजे पहलाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में प्रवेश कर लिया था लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होलीका जल गई थी और पहलाद बच गया था। इससे हमें यही सीख लेनी चाहिए कि होलीका रूपी बुराई का अंत हुआ और पहलाद रूपी सच्चाई की जीत हुई।



