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एमपी के छिंदवाड़ा में बिजली चोरी का प्रकरण बनाने और बिजली के स्थाई कनेक्शन के नाम पर 6 हजार रिश्वत लेते जूनियर इंजीनियर के साथ क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार, जबलपुर लोकायुक्त ने की कार्रवाई

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी

मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का है जहां एमपीईबी के जूनियर इंजीनियर और क्लर्क की रिश्वतखोर जोड़ी को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।

लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने छिंदवाड़ा में विद्युत वितरण केंद्र उमरानाला के जूनियर इंजीनियर गजानन कडू व क्लर्क पूनाराम कड़वेकर को 6 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है। जूनियर इंजीनियर और क्लर्क की रिश्वतखोर जोड़ी ने किसान जगदेव डोंगरे निवासी इक्कलबिहरी मोहखेड़ से बिजली चोरी का प्रकरण बनाने व विद्युत का स्थाई कनेक्शन के नाम पर यह रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत फरियादी किसान जगदेव ने जबलपुर लोकायुक्त दफ्तर में की थी। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर जाल बिछाकर रिश्वतखोर जोड़ी को रंगेहाथों धरदबोचा।

लोकायुक्त टीआई कमल उईके ने बताया कि आवेदक जगदेव डोंगरे ने लोकायुक्त जबलपुर पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी कि उमरानाला में पदस्थ जूनियर इंजीनियर गजानन कडू और क्लर्क पूनाराम कड़वेकर उससे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत में बताया था कि उसने अपने खेत पर बोरवेल करवाया था, जिसमें पांच एचपी पंप कनेक्शन के लिए दिसंबर 2024 में विद्युत वितरण केंद्र में दस्तावेज सहित आवेदन दिया था। जूनियर इंजीनियर ने स्थाई कनेक्शन ना देकर सात दिसंबर को बिजली चोरी का मामला बनाकर तीस हजार की पेनल्टी राशि का नोटिस देकर पांच एचपी पंप के स्थाई कनेक्शन के लिए दस हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।

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