ढीमरखेड़ा व्यवहार न्यायालय में नेशनल लोक अदालत में 52 मामलों का आपसी सहमति से हुआ निपटारा, न्यायाधीश द्वारा न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश।
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा व्यवहार न्यायालय में नेशनल लोक अदालत में 52 मामलों का आपसी सहमति से हुआ निपटारा, न्यायाधीश द्वारा न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश।
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – शनिवार 14 मार्च 2026 को व्यवहार न्यायालय ढीमरखेड़ा परिसर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निराकरण किया गया, जिससे न्यायालयीन प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने में सहायता मिली।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के पालन में यह नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जीतेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय ढीमरखेड़ा में पदस्थ माननीय न्यायाधीश श्रीमती पूर्वी तिवारी ने न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा दीप प्रज्ज्वलित कर प्रथम नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया।
लोक अदालत के दौरान कुल 52 प्रकरणों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इससे न केवल पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई। लोक अदालत का उद्देश्य आमजन को सुलभ, सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से लोगों को राहत मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री राजेश प्रयासी सहित अधिवक्ता श्री जयप्रकाश नारायण शुक्ला, श्री अटल बिहारी बाजपेयी, श्री रमेश पटेल एवं अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे। उन्होंने लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आपसी समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान समाज में सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।
इस अवसर पर न्यायालय का समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा और कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया। लोक अदालत के माध्यम से निपटाए गए मामलों में दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त करते हुए न्यायालय की इस पहल की सराहना की।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे लोगों को बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलता है।



