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शिक्षा के सिपाहियों का भव्य सम्मान सिहोरा में राज्य शिक्षक संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन संपन्न, 250 शिक्षक ‘शिक्षक रत्न’ से अलंकृत

कलयुग की कलम से राकेश यादव

शिक्षा के सिपाहियों का भव्य सम्मान सिहोरा में राज्य शिक्षक संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन संपन्न, 250 शिक्षक ‘शिक्षक रत्न’ से अलंकृत

कलयुग की कलम सिहोरा -शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले शिक्षकों के सम्मान में सिहोरा में राज्य शिक्षक संघ द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन एवं शिक्षक रत्न सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिले के कुल 250 शिक्षकों को उनके समर्पण, नवाचार और शैक्षणिक योगदान के लिए ‘शिक्षक रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े व्यक्तित्वों, शिक्षकों एवं मातृशक्ति की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पूर्व विधायक सिहोरा श्री दिलीप दुबे विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संदीपनी विद्यालय सिहोरा के प्राचार्य श्री अशोक उपाध्याय ने की। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक गरिमा के साथ किया गया।

सम्मान समारोह में सिहोरा, मझौली, कटंगी, पाटन, जबलपुर, पनागर एवं कुण्डम अंचलों से आए शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे पर आत्मगौरव और संतोष की झलक साफ दिखाई दी। आयोजन ने शिक्षकों के मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान की।

मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे समय के अनुरूप नवाचार को अपनाते हुए पूर्ण निष्ठा और समर्पण से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान दें। उन्होंने शिक्षकों के संवर्ग से जुड़े मुद्दों पर भी स्पष्ट रुख रखते हुए पुरानी पेंशन बहाली तथा नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के लिए सतत संघर्ष जारी रखने की घोषणा की।

विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक श्री दिलीप दुबे ने अपने उद्बोधन में शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए कहा कि शिक्षक ही समाज को दिशा देता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ता है। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान को समाज के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ते हुए इस तरह के आयोजनों को प्रेरणादायक बताया।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य श्री अशोक उपाध्याय ने कहा कि शिक्षक सम्मान केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत का सम्मान है। ऐसे आयोजनों से शिक्षकों को नई प्रेरणा मिलती है और वे और अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता रही, जिससे आयोजन का वातावरण और अधिक प्रेरणादायक एवं उत्साहपूर्ण बन गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी सहित विनीत मिश्रा, मनमोहन राय, अरविंद उपाध्याय, अजय खरे, रवि प्रकाश दुबे, रमेश झारिया, राजेंद्र दुबे, बिहारी साहू, वीरेंद्र झारिया, धर्मशीला दुबे, निशा पाठक, सुनील तिवारी, श्याम सुंदर तिवारी, सुधा उपाध्याय, नीरज तिवारी, राजकुमार साहू, बिनोद पाटकर, अखिलेश दाहिया, दीपक गौतम, प्रदीप पटेल, अनिल खरे, संजय पांडे सहित अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।

अंत में संघ पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन के समापन की घोषणा की।

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