प्रशासन

कटनी जिले में समर्थन मूल्य पर अन्य जिलों से बिक्री हेतु आने वाली धान की रोकथाम हेतु तैनात हुआ उडनदस्ता दल, दलालों और बिचोलियों पर प्रशासन की पैनी नजर

कलयुग की कलम से सोनू त्रिपाठी

कटनी- जिले में अन्य जिलों से शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए लाई जाने वाली अवैध धान पर सख्ती से रोकथाम के लिए कलेक्टर अवि प्रसाद ने जांच नाकों मे कृषि उपज मंडी के उडनदस्ता दल तैनात कर दिया है। ताकि जिले के वन एवं खनिज जांच नाकों में कृृषि उपज मंडी के उडनदस्ता दल को बैठाकर वाहनों को रोकने और अवैध परिवहन पर नियंत्रण रखा जा सके। धान उपार्जन में दलालों, बिचौलियों और व्यापारियों के कुत्सिंत मंसूबों पर लगाम लगाने जिला प्रशासन द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। कलेक्टर श्री प्रसाद के उपार्जन समितियों को सख्त निर्देश है कि उपार्जन केन्द्रों मे केवल जिले के किसानों का ही धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जाये।
कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा वनमंडल अधिकारी से चर्चा के बाद और समन्वय से अब उड़नदस्ता दल नें संयुक्त जांच चौकी मे बैठना भी शुरू कर दिया है। जांच दल उडनदस्ता को अधिसूचित कृषि उपज के वाहनों को रोकने व अवैध परिवहन के विरूद्ध कार्यवाही करने की शक्ति प्रदत्त है। वन एवं खनिज जांच नाकों के माध्यम से जांच दल को जबलपुर, मैहर, राष्ट्रीय राजमार्ग कटनी में ट्रकों को रोक कर जांच करने में सुविधा होगी।
वर्तमान में अन्य राज्य में भारी मात्रा में धान की आवक हो रही है, ऐसे में शासकीय उपार्जन में भी बाहर से धान आने की संभावना बनी रहती है। इसके मददेनजर जिला प्रशासन ने इसके नियंत्रण और रोकथाम के लिए अभिनव प्रयास करते हुए संयुक्त जांच चौकी में उडनदस्ता दलों के मार्फत से निगरानी कराने का कलेक्टर श्री प्रसाद ने निर्णय लिया है। विगत माह अक्टूबर 2023 में तीन ट्रकों पर धान के अवैध परिवहन के विरुद्ध मण्डी के जांच दल द्वारा कार्यवाही की गई है और दाण्डिक मण्डी फीस व निराश्रित शुल्क जमा कराया गया है।
अधिसूचित कृषि उपज के होने वाले अवैध परिवहन में मण्डी फीस व निराश्रित शुल्क के अपवंचन को रोकने के उद्देश्य में अधिसूचित कृषि उपज के परिवहन में संबंधित दस्तावेजों व लोड उपज की जांच हेतु मण्डी समिति का जांचदल संयुक्त जांच चौकी (वन एवं खनिज नाका) कैलवारा कला में भी बैठने लगा है। इससे शहर में बड़ी मात्रा में बाहर से आ रहे केला की खपत के अनुपात में अभी नहीं मिलने वाली मंडी फीस पर भी अंकुश लगेगा और मंडी शुल्क की वसूली होने से मंडी की आमदनी में भी इजाफा होगा।

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