कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत सयडार के जंगलों से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जंगल में स्थित भगवान भोलेनाथ के प्राचीन शिवलिंग पर एक बाघ को अपना सिर रगड़ते हुए देखा गया। यह दुर्लभ दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे अलग–अलग नजरिए से देख रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह घटना बीते बुधवार की देर शाम की बताई जा रही है। सडार ग्राम के पास जंगल क्षेत्र में स्थापित शिवलिंग के समीप बाघ बड़े ही शांत भाव से पहुंचता है। वीडियो में साफ नजर आता है कि बाघ कुछ देर तक शिवलिंग पर अपना सिर और जीभ रगड़ता है, फिर बिना किसी आक्रामकता के वहां से चला जाता है। इस दृश्य ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है।
क्षेत्र में बाघों की सक्रियता बनी हुई
सडार और आसपास के इलाकों में बाघ और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी पहले भी देखी जाती रही है। वन विभाग और ग्रामीणों के अनुसार यह इलाका वन्यप्राणियों के मूवमेंट का प्रमुख मार्ग है। हालांकि, मानव बस्तियों के नजदीक इस तरह बाघ का दिखना लोगों के लिए चिंता का विषय भी बन गया है।
कुछ लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं वन अधिकारियों का कहना है कि जंगली जानवर अक्सर अपनी गंध छोड़ने, खुजली मिटाने या क्षेत्र चिन्हित करने के लिए पत्थरों, पेड़ों या ठोस वस्तुओं पर सिर रगड़ते हैं। यह उनका स्वाभाविक व्यवहार है।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
इस संबंध में पान उमरिया रेंज अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि यह वीडियो सडार गांव से लगभग 400 मीटर की दूरी का है। क्षेत्र में गश्ती दल लगातार निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने, सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की समझाइश दी गई है। वीडियो ने जहां एक ओर लोगों की आस्था को छुआ है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीव सुरक्षा और ग्रामीणों की सतर्कता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।