उत्तराखंड

कितने बदल गए बेईमान। जिसने छोड़ा न श्मशान।।                          रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

कलयुग की कलम

जन्म से मौत तक भ्रष्टाचारियों का मायाजाल।

अबिलम्ब कार्यवाही न होने पर कैंसर बनेगा भ्रष्टाचार।

प्रयागराज, भ्रष्टाचार व सदाचार की जंग सृष्टि के सभी युगों में रही है लेकिन बेईमानों ने स्वयं को इतने नीचता में डुबो लिया है कि अब वे श्मशान घाट तक को भ्रष्टाचार के आगोश में ले चुके हैं। उपरोक्त बातें मीडिया से शेयर करते हुए पीडब्ल्यूएस प्रमुख आर के पाण्डेय एडवोकेट ने वर्तमान में भ्रष्टाचार के मायाजाल के लिए सीधे तौर पर विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका व सिस्टम में बैठे प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया है। वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने सवाल किया कि जब गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान घाट के मात्र दो माह पहले बने गैलरी के भरभराकर गिरने से लगभग दो दर्जन लोग मर चुके हैं व लगभग दो दर्जन बुरी तरह घायल हैं तो इतने बड़े भ्रष्टाचारी निर्माण पर जांच की तथाकथित औपचारिकता क्यों? दर्जनों जाने लेने वाले इस गैलरी के लिए जिम्मेदार ठेकेदार, अधिशाषी अभियंता, जेई, विभागीय अधिकारी व मंत्री अभी तक जिंदा व पद पर कैसे बने हुए हैं? आर के पाण्डेय ने कहा कि आज समय है कि विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका व सिस्टम में बैठे लोग स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी के साथ महाक्रान्तिकारी परिवर्तन कर लें तथा सीधी कार्यवाही करते हुए जवाबदेह लोगों से क्षतिपूर्ति वसूलने के साथ उन्हें कठोरतम सजा दें अन्यथा कहीं देर न हो जाये व आज का निकृष्टतम भ्रष्टाचार व बेईमानी कहीं कैंसर बनकर समूचे राष्ट के लिए अनिष्टकारी न हो जाये। आज प्रत्येक राष्ट्रभक्त हिंदुस्तानी को किसी भी सरकार, जाति, मजहब, क्षेत्र, विभाग, लाभ, हानि से ऊपर उठकर भ्रष्टाचारमुक्त भारत अभियान हेतु अपना सकारात्मक व सक्रिय सर्वश्रेष्ठ योगदान देकर देश व समाज को बचाने की जरूरत है।

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