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लोकस्वामी ने हिला दिया भ्रष्ट तंत्र को….. 

वरिष्ठ पत्रकार प.प्रदीप मोदी 

लोकस्वामी ने हिला दिया भ्रष्ट तंत्र को…..

वरिष्ठ पत्रकार प.प्रदीप मोदी

शासन प्रशासन की खिसियानी बिल्ली ने खम्बा नोचा, करो कार्रवाई लोकस्वामी पर, मिलकर सोचा।टूट पड़े सब झूठे भेड़िये,सच्चे एक अखबार पर,हनीट्रैप के करके खुलासे, जो नंगे करता बाजारभर।नेता नंगे होते आए, जन्मजात वो नंगे ठहरे, लेकिन इस बार वे नंगे हुए है, जिनकी अय्याशियों पर थे पहरे।नौकरशाही बेलगाम है, सिद्ध हुआ है दमनकारिता से, कितने भयभीत प्रशासनिक नंगे, सिद्ध हुआ है पत्रकारिता से।अपराधबोध का प्रतीक बन गई,लोकस्वामी पर की गई कार्रवाई, हनीट्रैप मामला चर्चा से चर्चित हो गया, मूरखतापूर्ण कार्रवाई हनीट्रैप को और अधिक चर्चित कर गई।प्रशासन में बैठे हवस के कीड़ों की इज्जत बचाने की खातिर लोकस्वामी अखबार पर और उसके मालिक पर कार्रवाई की गई है, यह बात सारा समाज जानता है।समाज यह भी जानता है कि जीतू भाई सोनी की कलम से लोकस्वामी अखबार हनीट्रैप मामले में नितनये खुलासे कर रहा था।उसके बाद सारे प्रशासनिक लोग झूठे भेड़ियों की तरह लोकस्वामी अखबार और उसके मालिक के प्रतिष्ठानों पर टूट पड़े।जनता के पैसों की वाट लगाने वाले, अनपढ़ गवार नेताओं को अपनी उंगली पर नचाने वाले नौकरशाह नंगे होने लगे तो मतिभ्रष्ट हो गई और लोकस्वामी पर टूट पड़े झूठे भेड़ियों की तरह। क्या समझते है प्रशासनिक अधिकारी, उन्होंने लोकस्वामी पर कार्रवाई कर कोई शाबाशी का काम किया है, प्रशासनिक मशीनरी और प्रदेश सरकार की फजीहत करा दी है।एक दो कुत्ता छाप मीडिया संस्थानों को छोड़ दिया जाए तो इस कार्रवाई से सारा मीडिया जगत स्तब्ध है।लोकस्वामी और लोकस्वामी के मालिक आदरणीय जीतू भाई सोनी पर की गई कार्रवाई से सारी सरकार और प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी संदेह के घेरे में आ गई है।आखिर किन-किन बड़े सफेदपोश अय्याश हवस के कीड़ों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और ऐसा प्रयास किया जा रहा है,जिसमें नियम कायदे तथा मर्यादा तक का ध्यान नहीं रखा जा रहा?हनीट्रैप मामले की हीरोइन श्वेता जैन, क्या सारे प्रदेश शासन एवं प्रशासन की कुटुम्ब पैरावनी करके जेल यात्रा पर गई है?फिर हनीट्रैप के खुलासों पर इतनी बौखलाहट क्यों?क्या पूरा शासन प्रशासन हनीट्रैप का शिकार हुआ है?फिर सारे शासन-प्रशासन को संदेह के घेरे में लाकर क्यों खड़ा किया गया लोकस्वामी पर कार्रवाई करके? वह कौन मूर्ख अधिकारी रहा होगा, जिसने जीतू भाई सोनी और लोकस्वामी पर कार्रवाई करने का आदेश दिया?वह पढ़ालिखा या अनपढ़ कौन होगा, जिसने इस दोषपूर्ण दमनकारी कार्रवाई करने का दबाव बनाया?लोकस्वामी पर कार्रवाई करने से अब सत्ता के गलियारे का हर नेता और प्रशासन के आलिशान कार्यालयों में बैठा हर अफसर संदेह की नजर से देखा जाने लगेगा कि कहीं यह अफसर तो हनीट्रैप में लिप्त नहीं रहा है?कहीं इसी को तो बचाने के लिए लोकस्वामी और जीतू भाई सोनी पर कार्रवाई नहीं की गई? सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है कि भगवान जाने मुख्यमंत्री ने हनीट्रैप मामले में अपने कौन से पट्ठे को बचाने के लिए बिना सोचे समझे लोकस्वामी और उसके मालिक जीतू भाई सोनी पर कार्रवाई करवा दी।यदि शासन प्रशासन दूध का धुला और चरित्रवान है तो फिर हनीट्रैप मामले के खुलासों से भय कैसा।मुख्यमंत्री कमलनाथ तुम पर दया आ रही हैं।असहाय मुख्यमंत्री कमलनाथ।

इस दमनकारी कार्रवाई से सिद्ध हुआ है लोकस्वामी अखबार और उसके मालिक आदरणीय जीतू भाई सोनी ने सारे तंत्र को हिलाकर रख दिया और जिस हनीट्रैप मामले को प्रशासन में बैठे हवस के कीड़े अय्याश इंजीनियर हरभजन तक समेटकर रख देना चाहते थे, उस हनीट्रैप मामले को जन जन की जुबान पर लाकर पटक दिया।

  शासन प्रशासन के लिए अच्छा है कि अपराधबोध से ग्रसित होकर जीतू भाई साहब पर लादे गए मामले वापस ले और निष्पक्ष रूप से हनीट्रैप मामले की जांच कराए, जनता को भी तो पता चले कि उसके पैसे पर कितने अय्याश हवस के कीड़े ऐश कर रहे हैं?

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