UNCATEGORIZED

अन्धभक्ति का यह आलम है कि बेरोजगारों को अपना बिगड़ता भविष्य भी नजर नही आ रहा।

कलयुग की कलम समाचार पत्रिका

अन्धभक्ति का यह आलम है कि बेरोजगारों को अपना बिगड़ता भविष्य भी नजर नही आ रहा।

मध्यप्रदेश के लाखों बेरोजगारों ने पैसे खर्च कर संविदा शिक्षक पात्रता परीक्षा तो दी, लेकिन आज तक सरकार ने संविदा शिक्षक भर्ती के लिए कोई विज्ञप्ति नही निकाली।

सरकार द्वारा भर्ती में विलंब के चलते प्रदेश के हजारों पात्र बेरोजगार परीक्षार्थी अपनी न्यूनतम आयु सीमा* से बाहर होते जा रहे जो नोकरी करने के लिए अपात्र हो रहे है।

मजे की बात यह है कि इस तरह बिगड़ते भविष्य की तरफ किसी का ध्यान नही जा रहा और नही प्रदेश सरकार से भर्ती प्रारम्भ करने की मांग की जा रही है।

खेर किसी का ध्यान जाए भी तो कैसे जाए, सरकार सब बेरोजगारों को किसी न किसी तरह राष्ट्रवाद, धर्म और फर्जी विकास जैसे मुद्दों में उलझाए हुए है। इन बेरोजगारों के सामने रोज ऐसी खबरें चलाई जा रही कि देश विश्वगुरु बनने ही वाला है। आजादी के बाद 2014 के पहले तक देश की जनता आदिमानव जैसा जीवन जीती आ रही थी , अचानक मोदी जी के आने से देश में बदलाव हुआ ओर अच्छे दिन बस आने ही वाले है।

अब इन बेरोजगारों को कौन समझाए की तुम्हारे अच्छेदिन चले गए, अब तुम नोकरी के लायक नही रहे, तुम्हारी उम्र खत्म हो चुकी है।

बलराम यादव

Related Articles

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close