प्रयागराज

पासी समाज सेवा समिति (PS3) के द्वारा चक्रवर्ती सम्राट महाराजा बिजली पासी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

कलयुग की कलम समाचार पत्रिका

प्रयागराज बहरिया ब्लाक अंतर्गत जेपीएस एकेडमी भोमापुर रोड कुबेरनगर सिसई सिपाह में महाराजा बिजली पासी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया मुख्य अतिथि डॉक्टर जमुना प्रसाद सरोज विधायक सोरांव एवं प्रदेश अध्यक्ष अपना दल एस ने महाराजा बिजली पासी के जीवन चरित्र पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी उन्होंने बताया

भारतीय इतिहास में 12 वीं शताब्दी मे अवध क्षेत्र के अंतर्गत एक ऐसे ऐतिहासिक *महाराजा बिजली पासी* का जन्म हुआ जिन्होंने अपनी वीरता कार्यकुशलता एवं महत्वाकांक्षा के बल पर अवध क्षेत्र के *184 वर्ग मील* विशाल भू-भाग के साम्राज्य पर एकछत्र शासन किया जिसका शासनकाल 1148 ई. से 1184 ई. तक माना जाता है।

महाराजा बिजली पासी के *माता का नाम बिजना* था जिनकी याद मे बिजनागढ़ वर्तमान समय में जनपद बिजनौर के नाम से विख्यात है तथा *पिता का नाम नथावन* था जिनके नाम से नथावनगढ़ किले का निर्माण कर कुशल शासन किया। महाराजा बिजली पासी के नाम से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मे तेलीबाग के सदर में महाराजा बिजली पासी का किला स्थित है साथ ही साथ महाराजा बिजली पासी के शासन काल के समय कुल 12 किलो पर अधिकार महाराजा बिजली पासी का था।

महाराजा बिजली पासी के पडोसी राज्य कन्नौज के राजा जयचंद महाराजा बिजली पासी से अत्यधिक कर देने को कहा जिसको माहा राजा बिजली पासी ने ठुकरा दिया परिणाम स्वरुप महाराजा बिजली पासी एवं कन्नौज के राजा जयचंद के मध्य भयानक युद्ध हुआ,महाराजा बिजली पासी अपने सहयोगी राजा सातन पासी एवं छीता पासी के सहयोग से राजा जयचंद को करारी शिकस्त दिया। *महाराजा बिजली पासी की तलवार रणछेत्र में जब बिजली की भांति चमकती थी तो विरोधियों के रूह कॉप उठते थे*।

कन्नौज के राजा जयचंद बार-बार अपनी पराजय से मजबूर होकर महोबा से निष्कासित आल्हा और उदल को अपना सेनापति नियुक्त कर उन्हें धन का प्रलोभन देकर महाराजा बिजली पासी पर आक्रमण करने के लिए उत्साहित किया जिसके परिणाम स्वरुप गाजर नामक स्थान पर महाराजा बिजली पासी एवं आल्हा उदल के मध्य भयानक युद्ध हुआ जो लगभग 3 माह 13 दिन तक चला माहाराजा बिजली पासी की सेना मुंह तोड़ जवाब देती रही परंतु जय चंद्र के छल से महाराजा बिजली पासी लड़ते हुए उस रणभूमि में वीरगति को प्राप्त हो गए जिससे एक ऐसे महान कुशल शासक का अंत हो गया। गाजर मे अत्यधिक रक्तपात होने के कारण लौहगाजर के नाम से जाना जाता है। विशिष्ट अतिथि बीज प्रमाणीकरण अध्यक्ष श्रीमती रेखा वर्मा एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री राम लखन पटेल और राम लखन कोरी प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति जनजाति मंच रहे। मुख्य रूप से जवाहर लाल पटेल ,भानु पटेल जिला अध्यक्ष गंगा पार,नागेंद्र कुमार पटेल जिला उपाध्यक्ष गंगा पार,अशोक कुमार केसरवानी जिला सचिव अपनादल एस एवं भावी प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य सैदाबाद वार्ड नंबर-1 , जितेंद्र प्रसाद सरोज,डॉ.राकेश पासवान, त्रिलोकीनाथ भारतीया,राजेश कुमार भारतीया,अजय कुमार भारतीया,डॉ.राम बहादुर सरोज, दिनेश पासी, वीरेंद्र कुमार पटेल, राजकुमार पटेल, मानसिंह पासी, अखिलेश पासी,ओमप्रकाश भारतीया जिला अध्यक्ष अनुसूचित मंच, अकलेश गौतम, पंकज जोन अध्यक्ष बलीपुर, राजेश सेक्टर अध्यक्ष बड़गाव,अभय राज विधानसभा अध्यक्ष,मो0सुफियान , प्रवीण तिवारी मोहित द्विवेदी देवी शंकर मिश्रा मोहम्मद रज्जाक वकील अहमद आदि हजारों की संख्या में गणमान्य एवं क्षेत्र की जनता मौजूद थे।

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