मध्यप्रदेश

मासूम आयद की दरियादिली, फकीर टोली ने दिया कोरोना योद्धा सम्मान कलयुग की कलम/ योगेश योगी/सतना

कलयुग की कलम समाचार पत्रिका सतना

पुरानी कहावत है कि पूत के पाँव पालने में दिख जाते हैं कुछ ऐसा ही छोटा समाजसेवी नागौद शहर में निकल कर आया है। लॉकडाउन के समय जब पूरा भारत घरों में कैद था तब आने जाने वालों के लिए फकीर टोली खाने और दवाई का इंतजाम कर रही थी तभी एक 9 वर्षीय बच्चा उनके पास हाथ मे गुल्लक लिए आता है और कहता है मैं भी मदद करना चाहता हूँ। हालाँकि सदस्यों ने यह कहकर उसे बैरंग लौटा दिया कि यह तुम्हारी जमा पूँजी है इससे खिलौने आदि खरीद लेना। जिद तो जिद होती है बच्चा परिजनों को लेकर आया आखिरकार फकीर टोली को गुल्लक लेना पड़ा और जब उसे तोड़ा गया 5140 रुपये गुल्लक से निकले। फकीर टोली द्वारा आयोजित कोरोना योद्धा सम्मान में समर्पण भाव और समाजसेवा की लगनशीलता को देखते हुए मो.आयद को सबसे छोटे कोरोना योद्धा का सम्मान जज साहब के हाथों से मिला। जब मंच पर इस छोटे बालक से पूछा गया कि आगे चलकर वह क्या करना चाहता है तो जवाब भी उतना ही मासूमियत से भरा हुआ मिला कि यूँ ही फकीर टोली के माध्यम से देशसेवा करता रहूँगा, आयद का जवाब सुनकर हाल तालियों से गूंज उठा। फकीर टोली के सदस्यों और गणमान्य नागरिकों ने आयद के उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं दी।

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