मध्यप्रदेश

“किसान अगर देशद्रोही तो क्या अँग्रेजों के मुखबिर देशभक्त कहलायेंगे “

कलयुग की कलम समाचार पत्रिका इन्दौर

“म.प्र. के कृषि मंत्री का बयान देश के अन्नदाता का अपमान”

कलयुग की कलम

इन्दौर,म.प्र. में शिवराज सरकार के कृषि मंत्री की पहचान बद्जुबानी हैं।भाजपा के संस्कारों की परंपरा का निर्वाह करते हुए कृषि मंत्री ने किसानों को देशद्रोही बताकर किसान आंदोलन में विदेशी ताक़तों का हाथ बताना ही यह सिद्ध करता हैं की भाजपा की केंद्र सरकार की नीयत में खोट हैं।कृषि क़ानून किसानों के हित का बताकर ढोल पीटने वाले भाजपा के नेता एमएसपी क़ानून बनाने का बोलते ही बगले झांकने लगते हैं।केंद्र सरकार के कृषि मंत्री से लेकर म.प्र. के कृषि मंत्री के पास इस बात का स्पष्ट जवाब ही नहीं हैं की एमएसपी हमेशा किसानों के हित में लागू रहेगा यह क़ानून के अन्तर्गत दर्ज करने में क्या दिक़्क़त हैं।इससे स्पष्ट होता हैं की केंद्र सरकार एंव भाजपा की नीयत में खोट हैं। फ़र्ज़ी किसान संगठनों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री नाटकीय नौटंकी दिखाकर किसानों के आंदोलन में फूट डालने की कोशिश में असफल सिद्ध हो रहे हैं।पीएम और गृहमंत्री के हठ ने किसानों को खेतों से सड़क पर ला दिया हैं।अब तो भाजपा नेता भी दबी ज़ुबान में बोलने लगे हैं की यह ग़लत हो रहा हैं।लेकिन तानाशाहों की तर्ज़ पर संचालित होने वाली भाजपा में खुलेरूप से बोलने में भाजपा नेता डरते हैं।म.प्र.के मुख्यमंत्री किसान चौपाल लगाने का दावा करके किसानों का हित समझाने की बात करके हैं वही उनके कृषि मंत्री किसानों को देशद्रोही ,सॉंप,बिच्छू,नेवले बोलकर भाजपा के संस्कारों एंव केंद्र सरकार की चाटुकारिता का प्रदर्शन कर रहे हैं।क्या मुख्यमंत्री खेद प्रकट करेंगे कृषि मंत्री की बद्जुबानी के लिए या म.प्र.में किसान ऐसे ही अपमानित होते रहेंगे ।

राकेश सिंह यादव

प्रदेशसचिव

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी

भोपाल

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