उत्तरप्रदेश

न्यूनतम व अधिकतम मूल्य, फीस व कार्य क्षमता तय हो — आर के पाण्डेय। @ रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

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रिवार्ड वापसी के साथ जीवन भर की सुविधाएं भी वापस हों।

-कश्मीरी पंडितो, सिक्ख नर संहार, गोधरा कांड व यूपी दंगों पर रिवार्ड वापसी गैंग की चुप्पी खतरनाक।

-मिर्जापुर में विप्र बटुकों की हत्या पर मौन देश के लिए आत्मघाती।

प्रयागराज, 07 दिसम्बर 2020। बात-बात पर रिवार्ड वापसी के धमकी को गम्भीरता से लिये जाने पर बल देते हुए वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता ने कहा कि रिवार्ड वापसी के साथ जीवन भर में मिली सभी सुविधाएं भी वापस होनी चाहिए।

जानकारी के अनुसार इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने किसान आंदोलन का एक सीमा तक समर्थन किया है परंतु इसमे विपक्षी पार्टियों के कूदकर अनावश्यक राजनीति को निंदनीय व शर्मनाक भी बताया है। रिवार्ड वापसी गैंग को आड़े हाथों लेते हुए आर के पाण्डेय ने कहा कि कश्मीरी पंडितों पर अमानवीय अत्याचार, सिक्खों के नर संहार, गोधरा कांड, यूपी दंगे, मिर्जापुर में तीन विप्र बटुकों की नृशंस हत्या आदि में रिवार्ड वापसी गैंग व सत्तापक्ष एवं विपक्ष का मौन निहायत ही निंदनीय, शर्मनाक व आत्मघाती है। किसानों के लिए एमएसपी का समर्थन करते हुए उपभोक्ताओं हेतु एमसीपी लागू करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जबकि पूरे देश में एक समान व्यवस्था के तहत वेतन, परामर्श शुल्क, विद्यालयों की फीस व प्रत्येक वस्तु की अधिकतम व न्यूनतम क्रय मूल्य के साथ प्रत्येक जवाबदेह दायित्वधारी कर्मचारी व अधिकारी के कार्य का सीमांकन भी तय हो।

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