मध्यप्रदेश

जिंदा “कारतूसधारी” का अध्याय समाप्त देशी तमंचे से टपकाने वाले का भी अन्त तमंचे से ही बनारसी जाँबाज I.P.S. अफसर पुलिस कप्तान गौरव शिखर तेवरबाज तिवारीजी का शानदार और जानदार

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जिंदा “कारतूसधारी” का अध्याय समाप्त

देशी तमंचे से टपकाने वाले का भी अन्त तमंचे से ही

बनारसी जाँबाज I.P.S. अफसर

पुलिस कप्तान गौरव शिखर

तेवरबाज तिवारीजी का शानदार और जानदार

💐मास्टर स्ट्रोक……….💐

💐मास्टर स्ट्रोक……….💐

पुलिस मुठभेड़ में साइको किलर शूटर दिलीप देवल को आखिरकार यमराज ने (नरकलोग) बुला ही लिया ।

रतलाम सबसे अहम् चिन्तनीय यह है कि आज भी अपने संपूर्ण मध्य प्रदेश सहित अपनी रतलामी नगरी में आज की तय तारीख में दिलीप देवल (शूटर) जैसे कई और “भाई” नगर के 49 वार्डों में किसी न किसी शरीफ भाई बन्धु के मकान में किरायेदार बनकर किसी अनहोनी अपराध को घटना के अंजाम तक पहुँचाने की साजिश रच रहे होंगे । जबकि सच्चाई यह है कि कई सालों से पुलिस सैकड़ों बार रतलाम के हर ज्ञानी मकान मालिक से विनम्र निवेदन विनम्र अपील और पचासो बार हाथ-हाथ जोड़कर यह कहती और सुनाई देती, देखी जा सकती है। लेकिन कुछ ज्यादा ही अक्लमंद मकान मालिक आज भी, अभी भी अपने किरायेदार की जानकारी आलसीपने से जानकारी नी दी जाती या फिर जानबूझकर छिपाई जाती है। जिससे दिलीप देवल जैसे अन्य दोस्त अपने मंसूबे पूरे करने में कामयाब होने से एक बेकसूर परिवार इन गुण्डों का शिकार बन गया ।

                       आज अभी और कल भी एक ऐसे जन जागरूक अभियान की जरूरत है कि बांगला मालिक, कॉटेज मालिक, मकान मालिक आगे होकर अपने अपने किरायेदार की जानकारी देवें ताकि पुलिस प्रशासन समाज में छुपे शरीफ चंद भेड़ियों को कानून के डंडे से निपटा और सलटा सके ।

                प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री मामाश्री के राज में ” गुण्डा मुक्त अभियान” के अंतर्गत शुभ दीपावली की देवउठनी ग्यारस की रात में कई दिनों से ताक में बैठा शूटर दिलीप अपने संगी-साथियों के सहयोग से राजीव नगर में ट्रिपल मर्डर के मंसूबे पूरे करने में कामयाब होने के बाद रतलाम पुलिस प्रशासन के लिये सबसे बड़ी चुनौती थी कि कानून के लम्बे हाथ (कातिलो) के गिरेबान तक कितनी जल्दी पहुँचे ।

                    जिला पुलिस कप्तान गौरवश्री अपने बनारसी अंदाज में एस.आई.टी. टीम की कमान अपने सबसे होनहार योग्य, अनुभवी, विश्वसनीय (राईट हैंड) माणक चौक थाने के इंचार्ज प्रभारी अय्यूब खान एवं एस.आई. अनुराग यादव एवं अन्य सहयोगी की हिम्मत से आदतन, शातिर, साइको (शुटर) ट्रिपल मर्डर किलर बहुत (हातम) होने से चार-पाँच मर्डर करने के बाद जब अपने आपको खाचरोद रोड पर अंधेरी रात में पुलिस की घेराबंदी से घबराकर ताबातोड़ पुलिस पार्टी पर एक के बाद एक देशी तमंचे के फायर का जवाब देते हुये अय्यूब खान व अनुराग यादव अपनी जान की परवाह न करते हुये सच्ची देशभक्ति वह सच्चे जनसेवा के लिये जिंदा कारतूस के छरे से घायल होने के बाद भी कारतूसधारी दिलीप देवल के नरक के दरवाजे खोल दिये।

                 सदियों से यह बोलते और सुनते आ रहे हैं कि दिन में ऐसा कोई (काम) मत करो कि रात को चैन की नींद नी सो सके । और अंधेरी रात में ऐसा कोई (काम) मत करो कि दिन में किसी को मुँह ना दिखा सके । लेकिन S.P. साहब के अति भरोसेमंद अय्यूब खान साहब ने अपनी खानगिरी के गणित-ज्ञान से इतिहास के पन्ने में एक और नया अध्याय जोड़ते हुये रातो-रात में यह सिद्ध कर दिया कि रात के अंधेरे में भी ऐसा काम किया जा सकता है कि दिन के उजाले में भी सब गर्व कर सके ।

           💐जय हो गौरव सरकार की💐

💐 जय हो अय्यूब सरकार की💐

💐जय हो अनुराग सरकार की💐

💐जय हो बलराम सरकार की💐

💐जय हो विपुल सरकार की💐

💐जय हो हिम्मत सरकार की💐

💐जय हो सरकार की💐

💐सरकार की सरकार कौन…….?💐

💐 सरकार की सरकार कौन…..?💐

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