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नयन में ज्योति नहीं पर दिल हमारा देखता है, उसकी मुट्टी में हैं देवता जो हमको देखता है”                

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अंतराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर नेत्रहीन विद्यालय में जागरूकता गोष्टी का आयोजन

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मनेन्द्रगढ़/गुरुवार 03 दिसंबर 2020 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर आमाखेरवा स्थित नेत्रहीन विद्यालय में दिव्यांगजन दिवस पर दिव्यांग जागरूकता गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोविड-19 के कारण शासन के दिशानिर्देशों का पालन कर सामाजिक दूरी को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम को सम्पन्न किया गया। संयुक्त राष्ट्र के द्वारा अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 03 दिसंबर को घोषित किया है।

विश्व के समस्त दिव्यांगजनो को समाज में उचित स्थान प्रदान करने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के द्वारा आज ही के दिन अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मनाने का संकल्प पारित किया था जिससे विश्व के सभी दिव्यांगजन लाभान्वित होकर समाज की मुख्य धारा में जुड़े एवं अपने को उपेक्षित न समझें क्योंकि वे भी हमारे समाज के भी अंग हैं। दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता गोष्टी में मुख्य अतिथि के रूप में सतीश उपाध्याय कवि व योगाचार्य, विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष विद्याधर गर्ग, सदस्य चंद्रकांत चावड़ा, महेन्द्रपाल सिंह, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि, प्राचार्य संतोष कुमार चढ़ोकर, राकेश गुप्ता, संतोष पांडे, प्रतिभा रजक, मालिकराम, गीता, मुकेश, बबली के साथ ही विशेष रूप से उपस्थित विद्यालय के छात्र धनेश्वर यादव, मालिक गोंड व रविशंकर पावले उपस्थित रहे।

 

 

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्राचार्य के द्वारा विद्यालय का प्रतिवेदन, “जिनको दिखती नही बाहर की चकाचोंध, भीतर की रोशनी देती होगी जीवन का बोध” पंक्तियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। छात्र रविशंकर पावले ने दिव्यांगजनो से प्रेरित कविता सुनाई। वी. डी. गर्ग ने अपने विचार रखते हुए कहा की आज पूरी दुनिया मे दिव्यांगजनो की संख्या 15% है जो कि चिंता का विषय है दिव्यांग के उत्थान के लिये सरकार व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रयास किए गए हैं जिससे अनेक प्रकार की सहायता उपलब्ध हो पा रही है हमें और अधिक प्रयास कर दिव्यांगजनो को मुख्य धारा में जोड़ना आवश्यक है। मुख्य अतिथि सतीश उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ के जाने-माने कवि व लेखक गिरीश पंकज की रचना ” नयन में ज्योति नहीं पर दिल हमारा देखता है, उसकी मुट्टी में है देवता जो हमको देखता है” की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों में उत्साह भर दिया। मुख्य अतिथि द्वारा छात्रों को गर्म वस्त्र प्रदान किया गया। समिति सदस्य चन्द्रकांत चावड़ा ने कहा की आज समाज की सोच दिव्यांगजनो के प्रति बदल रही है समाज मे धीरे-धीरे दिव्यांगजनो का स्थान भी सुनिश्चित हो रहा है उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश गुप्ता ने द्वारा किया। कार्यक्रम में अतिथियों के करकमलों से उपस्थित छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक छड़ी भी प्रदान की गई।

कोरिया से राजेश सिन्हा की खास रिपोर्ट

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