मध्यप्रदेश

“म.प्र. में निजी मंडियां व ख़रीदी केंद्र खोलने का निर्णय काले अध्याय की शुरूवात “

दैनिक कलयुग की कलम न्यूज वेबसाइट

“म.प्र. में निजी मंडियां व ख़रीदी केंद्र खोलने का निर्णय काले अध्याय की शुरूवात “

“शिवराज सरकार ने किसानों को व्यापारियों के हाथों बेचेंगे की साज़िश “

“खेतों के मालिक किसान नहीं अब व्यापारी होंगे “

इन्दौर,म.प्र.की शिवराज सरकार का निजी मंडियाँ एंव ख़रीदी केंद्र खोलने का फ़ैसला किसानों के लिए आत्मघाती कदम साबित होगा।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों को व्यापारियों के हाथों में बेचकर समर्थन मूल्य देने से बचकर निकलने का रास्ता निकाला हैं।सारे देश के किसान जानते हैं की एमएसपी मूल्य से कम मूल्य पर ही व्यापारी किसानों से फसल ख़रीदते हैं।शिवराज सरकार की नीयत में खोट हैं इसलिए एमएसपी नियम का क़ानून नहीं बनाया जा रहा हैं।निजी मंडी व ख़रीदी केंद्र खोलने के पूर्व एमएसपी दर का क़ानून बनाकर शिवराज सरकार लागू करे की अगर एमएसपी मूल्य से कम दर पर फसल ख़रीदी होती हैं तब दो साल की सजा का प्रावधान रहेगा।लेकिन केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में यह नहीं करेगी क्योंकि व्यापारियों को फ़ायदा पहुँचाकर देश के किसानों को बंधुआ मज़दूर बनाकर रखना ही भाजपा की गुप्त योजना हैं।

व्यापारियों को लाभ पहुँचाने की योजना पर निर्णय करके किसानों की रीड़ की हड्डी तोड़ने की कोशिश ककी जा रही हैं।धीरे धीरे किसानों को बंधुआ मज़दूर बनाने की योजना पर शिवराज सरकार कार्य कर रही हैं।शिवराज सरकार का निजी मंडियों बनाकर निगरानी और सुनवाई का दावा करना सफ़ेद झुठ हैं।किसानों की शासकीय मंडी में सुनवाई व निगरानी आज तक शिवराज सरकार नहीं कर पायी हैं तब निजी मंडी में यह दावा शिगूफ़ा सिद्ध होगा।बड़े व्यापारीयों के जवाब में किसानों के हक़ और अधिकार छिनने की तैयारी की गई हैं।ऐसी नीतियों का पुरज़ोर विरोध किसानों द्वारा किया जाएगा।

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