प्रयागराज

लोकनृत्य,गायन और रंगोलियों ने समापन समारोह में विखेरा जलवा- @ रिपोर्टर सुभाष चंद पटेल प्रयागराज नैनी

कलयुग की कलम

संतो के आशीष और राष्ट्रगान के साथ हुआ पंच दिवसीय महोत्सव का समापन-

कलयुग की कलम

प्रयागराज करछना अपने समाज के मानसिक और सांस्कृतिक विकास को लेकर जागृति मिशन ने जमुनापार महोत्सव के रूप में जो दीप जलाया है इसे दूर तक आलोकित करेगा।अपने संतो,कलाकारों,साहित्यकारों युवा प्रतिभाओं को एक ही मंच पर संजोने और उन्हे निखारने का यह सार्थक प्रयास पूरे राष्ट्र में इस महोत्सव के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रहा है।इसके लिए जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है।क्षेत्र के रामपुर स्थित बृजमंगल सिंह इंटर कालेज में आयोजित पांच दिवसीय 23वें जमुनापार महोत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल पं केशरीनाथ त्रिपाठी ने यह बातें कही।इसके पूर्व सच्चा आश्रम अरैल के मंहत गोपाल दास जी महाराज,दिव्यानंद जी महाराज ने महोत्सव को आशीष दिया।साथ ही बटुको द्धारा वेद मंत्रोच्चार के साथ स्वस्तिवाचन किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने लोक नृत्य और कजरी गीत प्रस्तुत करते हुए खूब तालिया बटोरी।चंचल द्धिवेदी,ड़ाली मिश्रा,शिवानी पाल,काजल,आचंल और शबा बानो द्धारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने खूब समां बांधी।बृजेश तिवारी,सूर्य प्रताप,रामभोर मिश्र और बचऊलाल ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।महेश मिश्र के वांसुरी वादन पर भी श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे।मंच पर विविधा को लेकरंग देखा गया जहां कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी लोगों को जागृति मिशन की ओर से अंगवस्त्रम और प्रयाग दर्शन देकर सम्मानित किया गया।सभागार में छात्राओं ने अद्भुत रंगोलियां सजाई जिसका प्रधानाचार्य मदन मोहन शंखधर सहित शिक्षकों ने अवलोकन करते हुए प्रशंसा की।मुख्य अतिथि का अभिनंदन करते हुए संयोजक डा0 भगवत पाडेय ने कहा कि बुजुर्गो के आर्शिवाद से मन में रचा बसा अपनी मा।

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