मध्यप्रदेश

“सिंधिया भाजपा ने भाजपा के राष्ट्रवाद का मुखौटा करा बेनक़ाब”

कलयुग की कलम

“सिंधिया भाजपा ने भाजपा के राष्ट्रवाद का मुखौटा करा बेनक़ाब”

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती नहीं मनाना भाजपा के राष्ट्रवाद का दोहरा चरित्र “

 

कलयुग की कलम

 

इन्दौर,म.प्र.मे भाजपा के सिद्धांतों और आदर्शों का भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चीरहरण करके यह बता दिया हैं की भाजपा के अंदर रहकर भी “सिंधिया भाजपा” अपना वजूद अलग रखकर भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को नहीं मानेगी।सन 1980 से लेकर आज तक भाजपा राष्ट्रवाद का बात करके झॉंसी की रानी लक्ष्मीबाई के गुणों का गुणगान करके जनता में राष्ट्रवाद का अलख जगाने की कोशिश करके “खुब लड़ी मर्दानी वो तो झॉंसी वाली रानी थी” कहते नहीं थकती थी।लेकिन अब सिंधिया भाजपा ने भाजपा की विचारधारा को चारों खाने चित्त कर दिया हैं।अब भाजपा में हिम्मत नहीं की सिंधिया भाजपा को आदेश देकर बोले की झॉंसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करके राष्ट्रवाद का अलख जगायें।सांसद सिंधिया ने कल 19 नवम्बर को एक भी ट्वीट झॉंसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर नहीं किया।बात बात पर ट्वीट करने वाले सिंधिया का ट्विटर आज़ादी की लड़ाई का अलख जगाने वाली तथा राष्ट्र के धोखेबाज़ों से लोहा लेने वाली रानी लक्ष्मीबाई के सम्मान में एक भी शब्द सिंधिया नहीं लिख सके।भोपाल में भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ताओं से स्वागत कराते रहें लेकिन भाजपा की विचारधारा की धज्जियाँ उड़ाकर एक बार भी झॉंसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर झॉंसी की रानी की गौरवगाथा का सम्मान नहीं किया।अब भाजपा के पास इसका क्या जवाब हैं..?

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से पूछा हैं क्या अब भाजपा के राष्ट्रवाद की परिभाषा बदल गयी हैं या सत्ता के लालच में राष्ट्रवाद की बोली लगाई गयी हैं ?

कॉंग्रेस के बाग़ी भाजपा उम्मीदवार बनकर चुनाव तो पैसा बहाकर जीत गये लेकिन अब भाजपा विश्वासघातीयों को कैसे राष्ट्रवाद की परिभाषा सिखायेगी ।जिनका जन्म ही विश्वासघात से हुआ हो वो राष्ट्रवाद के साथ कैसे जायेगें।म.प्र.के भाजपा अध्यक्ष को म.प्र.की जनता और झॉंसी की रानी लक्ष्मीबाई से माफ़ी मॉंगना चाहिए की आज भाजपा शर्मिंदा हैं क्योंकि आज भाजपा अपना मूल चरित्र का मुखौटा उतार कर सिंधिया भाजपा बनकर अब

राष्ट्रवाद का अलख जगाने के लिए झॉंसी की रानी का सम्मान नहीं कर सकती हैं।भाजपा को सबसे पेहले सिंधिया को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाकर प्रशिक्षण देना चाहिए ।जिससे पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी की भाजपा के कुछ संस्कार बचे रहे।

 

राकेश सिंह यादव

प्रदेशसचिव

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी

भोपाल

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