छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की गुफाओं में बने आदिम चित्रों के रहस्यों से रूबरू होगी दुनिया- उपाध्याय

कोरिया से राजेश सिन्हा की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ की गुफाओं में बने आदिम चित्रों के रहस्यों से रूबरू होगी दुनिया- उपाध्याय

कलयुग की कलम

 पुरातात्विक दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ काफी समृद्ध है यही कारण है की सात समंदर पार से भी शोधकर्ता समय-समय पर छत्तीसगढ़ की गुफाओं के रहस्य को समझने आते रहे है। उक्त आशय के विचार सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं पुरातत्व प्रेमी सतीश उपाध्याय ने व्यक्त किया है।

छत्तीसगढ़ की प्राचीन गुफाओं में देखे जाने वाले चित्रों को आने वाले समय में वैश्विक मंच मिलेगा और यदि सही दिशा में गंभीरता से कार्य हुआ तो पूरी दुनिया देखेगी कि’ छत्तीसगढ़ का प्राचीनतम गौरवशाली इतिहास किस प्रकार का है।

इससे हिंदुस्तान के बाहर भी छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास उसकी संस्कृति की जानकारी हो सकेगी ।

आज से करीब 6 साल पहले छत्तीसगढ़ की गुफाओं के अध्ययन के लिए रॉक आर्ट पर रिसर्च करने वाले डॉ मीनाक्षी दुबे पाठक और फ्रांस के डॉक्टर जान क्लॉट्स छत्तीसगढ़ आए थे ,और संस्कृति विभाग के साथ मिलकर प्रदेश को वैश्विक मंच दिलाने के लिए एक मुहिम शुरू किए थे।

यह कार्यक्रम 21 से 29 नवंबर तक संचालित किया गया था इस अवधि में फ्रांस के डॉक्टर क्लाटस और डॉक्टर मीनाक्षी ने छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख गुफाओं में बने आदिम चित्रों की वीडियोग्राफी भी की थी ,जिसमें बस्तर से रायगढ़ तक के इलाकों में अब तक देखे गए चित्रकारी से सजी चट्टानों का अध्ययन किया गया था।

उस समय प्रदेश के प्रमुख गुफाओं के कई आदिम चित्र देखने को मिले थे इन पर साइंटिफिकली( वैज्ञानिक दृष्टिकोण से )काम करने की जरूरत बताई गई थी।

जान क्लॉट्स ने बताया था कि छत्तीसगढ़ की गुफाओं में देखे गए चित्र रहस्यमय हैं एवं खूबसूरत हैं उनके पीछे की क्या कहानियां है ?इसको जानने की जरूरत है।

साथ ही उन्होंने इस रॉक पेंटिंग को संरक्षित करने की जरूरत पर भी बल दिया था प्रदेश में अब तक जिन गुफाओं में आदिम चित्र मिले हैं या छत्तीसगढ़ के जिन दुर्गम क्षेत्रों के गुफाओं के पत्थरों में आदिम चित्र अब तक अनसुलझे हैं उनकी भी गुत्थियां सुलझाने की जरूरत है। रॉक पेंटिंग पर कार्य कर रहे इंटरनेशनल फेम के दोनों शोधकर्ताओं के द्वारा छत्तीसगढ़ की गुफाओं में बने आदिम चित्रों पर डॉक्यूमेंटेशन भी किया गया था ।यह समस्त दस्तावेज इंटरनेशनल स्कॉलर्स के साथ साझा करने की बात भी दोनों रॉक आर्ट में रुचि रखने वाले शख्सियत ने बतलाई थी ।जैसा कि काफी कम लोगों को मालूम होगा कांकेर और बस्तर के इलाके में राक आर्ट में एलियन जैसी आकृतियों को देखने के बात कहीं जाती है ।इस संबंध में डॉ मीनाक्षी ने बतलाया था एलियन जैसी दिखने वाली आकृति वास्तव में वह एलियन नहीं है बल्कि स्थानीय लोगों के तत्कालीन मान्यताओं से जुड़ी आदिम देवी-देवताओं के चित्र हैं जिनकी छवि आकृति एलियन से मिलती जुलती है छत्तीसगढ़ की गुफाओं में बने आदिम चित्रों के रहस्यों से जब पर्दा हटे गा तब बहुत कुछ नवीन जानकारी हमारे सामने आ सकेगी ,और छत्तीसगढ़ की पुरातन और पौराणिक सभ्यता और संस्कृति,और छत्तीसगढ़ इतिहास की जानकारी विश्व को भी हो सकेगी। कोरिया जिले के पुरातन भग्नावशेष एवं इसके पुरातन इतिहास पर जानकारी एकत्रित कर रहे वरिष्ठ पर्यावरणविद सतीश उपाध्याय ने कहां कि -इस दिशा में राज्य शासन को सार्थक पहल करनी चाहिए।- पिछले 20 वर्षों से पुरातात्विक जानकारी एकत्रित कर रहे पुरातत्व प्रेमी एवं सुप्रसिद्ध पर्यावरण विद उपाध्याय ने इस संबंध में रुचि रखने वालों से यह अपील की है कि कोरिया जिले एवं छत्तीसगढ़ के गुफाओं में बने आदिम चित्रों की जानकारी यदि किसी को है तो वे 93000-91563 नंबर पर व्यक्तिगत रूप से दे सकते हैं।

 

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