उत्तरप्रदेश

हिंदुओं के बजाय राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों को जगाने की जरूरत है आर के पाण्डेय एडवोकेट। @ रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

जातिवादी वोट बैंक के चलते हिंदुत्व बेमानी।

जाति प्रमाण पत्र के बजाय नागरिकता प्रमाण पत्र बने।

-हिंदू धर्म के बजाय जीवनशैली व भारतीयता।

प्रयागराज नैनी हिंदुस्तानी स्वतन्त्रता, अखण्डता व लोकतंत्र को अक्षुण्य बनाये रखने के लिए आज हिंदुओं के बजाय राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों को जगाने की जरूरत है।

उपरोक्त बातें मीडिया से करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता व पीडब्ल्यूएस प्रमुख आर के पाण्डेय ने कहा कि देश की सारी समस्याओं व फसाद की जड़ एकमात्र जातिवादी वोट बैंक की नीच व शर्मनाक सोच है जिसे खत्म करना होगा। उन्होंने प्रश्न किया कि हिंदुत्व का राग अलापने वाले सवर्ण विहीन सोच के चलते हिंदुत्व की कल्पना कैसे कर सकते हैं? जिस देश में तहसील से जारी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी व सुविधा मिलती है वहां नागरिक एकता व हिंदुत्व कैसे बन सकेगा? पीडब्ल्यूएस प्रमुख ने कहा कि आये दिन लोग हिंदुओं को जगाने की बात करते हैं परंतु जातिवादी वोट बैंक की नीच व शर्मनाक सोच समाज को बांट रही है। जब अधिक अंक के बजाय जातिगत सोच व निम्नतम अंक वाले को जॉब व सुविधा जबरन दी जाएगी तो उपेक्षित योग्य प्रतिभावान व्यक्ति क्या करेगा? आर के पाण्डेय का विचार है कि आज हिंदुओं के बजाय राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों को जगाने की जरूरत है जिससे वे आम भारतीय के कल्याण की बात करें। उनका कहना है कि जातिवादी सोच के चलते हिंदुत्व बेमानी है तथा तहसील से जारी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जॉब व सुविधा समाज को बांटने वाला है। उन्होंने यह भी बताया कि हिंदू एक धर्म के बजाय जीवन शैली व भारतीयता की पहचान है।

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