मध्यप्रदेश

अपने कारनामों से बाज नहीं आ रही वांसिका ग्रुप सत्ता के दबाव में प्रशासन बना मूकदर्शक

कलयुग की कलम

स्वयंसेवी संस्थान जैनब फाउंडेशन कार्यवाही की आश में पुनः पहुंची प्रशासन की चौखट में

मामला कसेड नाले में रेत परिवहन हेतु बनाई गई अस्थाई पूलिया का वांसिका ग्रुप खुलेआम कर रही है एनजीटी के नियमो का उल्लघंन

कलयुग की कलम शहडोल

शहडोल – हमेशा विवादों के घेरे में रहने वाली जिले में रेत की कमान संभालने वाली वांसिका ग्रुप अपने कारनामों से बाज नहीं आ रही है मामला चाहे नदियों से मशीनों के द्वारा किया जा रहे रेत उत्खानन का हो या वंशिका ग्रुप के करिंदो द्वारा स्थानीय लोगों से मारपीट का हो अब नया मामला बुढार तहसील अन्तर्गत स्वीकृत चाका रेत खदान का है जहां मुख्या पहुंच से परिवहन कि दूरी को कम करने की मंशा से क्षेत्र में बहने वाली कसेड नाले के प्राकृतिक स्वरूप के साथ खिलवाड़ करना एवम् नाले के पानी को अवरूद्ध कर स्थानीय कृषकों को रबी फसल की सिंचाई हेतु पानी वंचित करना होगा सूत्रों की माने तो वंशिका ग्रुप ने इस रेत खदान के संचालक का जिम्मा जिला भाजपा शहडोल के कुछ जिम्मेदार पदाधिकारियों को सौंप रखा है जिसमें रसुक के सामने अब प्रशासन भी बौना नजर आने लगा है और वांसिका ग्रुप के विरूद्ध कार्यवाही करने से बचता हुए नजर आ रहा है वांसिका ग्रुप के इस कृत्य के सामने पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रही स्वयंसेबी संस्थान जैनब फाउंडेशन ने प्रशासन के समक्ष गुहार लगा एनजीटी के नियमो उल्लंघन का हवाला दे कर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी अनान फानन में प्रशासन ने जैनब फाउंडेशन को कार्यवाही का आश्वासन दे कर मामला में लीपापोती किया जा रहा है किन्तु कार्यवाही ना होते देख जैनब फाउंडेशन आज पुनः प्रशासन की चौखट पर पहुंच कर एसडीएम सोहागपुर से कार्यवाही की मांग की और कार्यवाही न होने की दशा में एक बार पुनः आंदोलन की बात कही है

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