मध्यप्रदेश

तो क्या सोन और कुनुक नदियो में खिलेगा कमल वंशिका ग्रुप के रेत खदानों की कमान सम्हालेंगे भाजपा के दिग्गज पदाधिकारी

कलयुग की कलम

वंशिका ग्रुप के रेत खदानों की कमान सम्हालेंगे भाजपा के दिग्गज पदाधिकारी

 

कलयुग की कलम शहडोल

शहडोल – जब से जिले में वंशिका ग्रुप को रेत खदान का ठेका मिला है वंशिका ग्रुप के कारनामे हमेशा से ही चर्चा का विषय रहा है ताज़ा मामला सोन नदी में स्वकृति चाका ,रोहनिया, लालपुर और कुनुक में कमता रेत खदान की है जहां वांसिका ग्रुप ने इन खदानों का परिचालन कुछ शर्तो पर हमेशा चाल चरित्र का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी के कुछ नामचीन जिला पद अधिकारियों को सौंप दी गई हैं दलबदुलुयो की बैसाखी के सहारे सत्ता पर बैठी करिंदो के इन हरकतों पर गांधारी की तरह आंखो में पट्टी बंद कर चुप्पी साधे बैठी है

सूत्रोंकी माने तो वर्तमानो में इन रेत खदानों का संचालन सत्ता के मदहोशी में मस्त भाजपा के कुछ जिला स्तर के पद अधिकारियों का एक समूह बना कर किया जा रहा है और इन खदानों में नियमों को ताक में रख रेत उत्खनन किया जा रहा है – राजनैतिक वा सत्ता के दबाव के चलते प्रशासन भी इन रसुखदारो के गिरेबान में हाथ डालने से बचता नजर आ रहा है और सत्ता के दबाव में कार्यवाही करने से गुरेज कर रहा है सत्ता के धौंस में सफेद पोश नदियों का सीना छल्लनी करने से बाज नहीं आ रहे है

विगत दिनों दिया था ज्ञापन

कुछ दिन पूर्व ही चाका रेत खदान से रेत परिवहन हेतु वंशिका ग्रुप द्वारा कसेड नाले पर बनाए गए अवैध पुल के विरोध में जिले में पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थान जैनब फाउंडेशन द्वारा नदियों के स्वरूप से छेड़छाड़ को रोकने हेतु प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था और अंदेलान की चेतावनी भी दी थी आननफानन में प्रशासन ने जैनब फाउंडेशन को इस विषय पर कार्यवाही का आश्वासन दिया था किन्तु आज तक इस मामले पर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई

अनुज्ञा का पोस्टल पहुंच रहा मुरारी से कलेक्टर और कलेक्टर से राजस्व किन्तु वास्तविकता कुछ और

विगत माहों से वंशिका ग्रुप के कारनामों पे अगर गौर फरमाएं तो लोढ़ी, बोडडीहा, भटगवाँ में भारी वाहनों को नदियों में उतारना और उन वाहनों पर कार्यवाही के नाम से अज्ञात कार्यवाही व वाहन स्वामी का नाम सामने आना वंशिका के साख को प्रशासनिक साख से अधिक मजबूत दिखाई दे रहा है इतना ही नही विगत दिनों कंसेड नाले पर अस्थायी तौर पे बनाए गए पुलिया का निजी स्वार्थों के लिए प्रयोग करने पर जैनब फाउंडेशन ने माँमले को एनजीटी तक ले जाने की बात कही थी वहीं इस मामले को लेकर राजस्व से लेकर ऊपर स्तर के अधिकारियों को भी जानकारी दी गई थी किन्तु नाले पे बने अस्थायी पुलिया से सम्बंधित दस्तावेजों की अनुज्ञा न ही जिला प्रशासन दे पा रहा है और न ही वंशिका के कारिंदे,वहीं हास्यास्पद लगता है यह सुनकर की वंशिका के मुरारी पूरे जिले में राग अलाप रहे हैं कि हमने अनुज्ञा कलेक्टर से लिया है तथ्यहीन यह तथ्य पर कई सवाल खड़े होते हैं कि क्या किसी चलित जलप्रवाह को बाधित करने की अनुज्ञा जिला कलेक्टर दे सकते हैं वह भी जिसमे मात्र निजी स्वार्थसिद्ध के कार्य हो रहे हैं

( हां हमारे द्वारा प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था जिस पर कार्यवाही का आश्वासन दिया गया था किंतु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नही हुई है और अगर कार्यवाही नही हुई तो हम ग्रामीणों समेत अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे,जैनब फाउंडेशन अध्यक्ष अवधेश पाण्डे)

मैंने खनिज को पत्र लिखा है और अब तक मुझे वंशिका ग्रुप द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज नही दिए गए हैं

तहसीलदार भरत सोनी

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