मध्यप्रदेश

💐💐 आंखों देखी 💐💐 💐💐 काॅनों सुनी‌ 💐💐 पूर्व सांसद वर्तमान विधायक कांतिलाल भूरियाश्री शहर सराय पुराने (फायर ब्रिगेड) चौराहे पर एक भेदू छोड़ें……?

कलयुग की कलम

💐💐 आंखों देखी 💐💐

💐💐 काॅनों सुनी‌ 💐💐

पूर्व सांसद वर्तमान विधायक कांतिलाल भूरियाश्री शहर सराय पुराने (फायर ब्रिगेड) चौराहे पर एक भेदू छोड़ें……?

कलयुग की कलम

रतलाम । सारे संसार भर में सदियों से एक बहुत पुरानी कहावत चली आ रही कि मनुष्य के (खुल्लिये) में चार नये पैसे क्या आ जाते है । इंसान अपनी असली हैसियत भूल जाता है ।कल क्या था और आज क्या हु और फिर दिन रात टुन-टुनिये से ऐसी – ऐसी फेंकता है कि सामने वाला लपेटते -लपेटते थक जाए पर वह फेंकते-फेंकते नहीं थके।

               बात सवा सोलाहना सही है कि रत्नपुरी नगरी में जब भी, कभी भी, कहीं भी, यदि (कंट्रोल) के घासलेट से आग लग जाती है तो किसी जमाने में शहर सराय वाले पुराने (फायर ब्रिगेड) से भुझाई जाती थी लेकिन वक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल गया है । लेकिन आज एक दूसरे को नीचा दिखाने और अपने आप को बड़ा दिखाने की लो की आग उठ रही है।

                    झाबुआ रतलाम संसदीय सीट के पूर्व सांसद एवं वर्तमान कांतिलाल भूरियाश्री शहर सराय के इस चार चौराहे पर अपना विश्वसनीय (भेदू) छोड़ें यहाॅ पर साल भर के 365 दिन सुबह से शाम तक अपनो बड़ो (राजकपूर) अपने छोटे-मोटे चुन्नू- मुन्नू और कुन्नू एवं भाईजान और दुल्हा भाई मित्र मण्डली में एक भी दिन ऐसा नही जाता है कि बड़े भुरियाश्री और उनके लाडले, प्यारे छोटे भुरियाश्री को खुन्नस की जलन से कोसने की हरकत नी हुई हो। हफ्ते मे सोमवार से लेकर रविवार तक अपने सीने में जलन रुपी (आग) को ठण्डा करने के लिये जी – हजुरिये यही (राग मल्हार) गाते हुए नजर आते की भुरियाश्री ने ये कर दिया, भुरियाश्री ने वो कर दिया, भूरियाजी ऐसे हैं, भूरियाजी वैसे हैं, भूरियाश्री यह कर रहे हैं, जो आए अपने (उस्ताद) खूब खुश देखने के चक्कर मैं भूरियाश्री की कण्ठी – माला जाप शुरू और जाप शुरू होते ही उस्ताद और पट्ठे गदगद हो उठते ।

                 पूर्व सांसद वर्तमान विधायक भुरियाश्री आज, अभी, इसी वक्त, अपना कोई एक (भेदू) शहर सराय के इस चार चौराहे पर छोड़ें और फिर (भेदू) से रिपोर्ट मिलेगी की हफ्ते का एक भी दिन ऐसा खाली नहीं जायगा कि भुरियाश्री की माला नी जपी हो और माला भी ऐसी जपे की

कान का परदा खुल ….💐

कान का परदा खुल जाय…..💐

कानका परदा खुल जाय …..💐

 

मनोज शर्मा वरिष्ठ पत्रकार रतलाम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close