मध्यप्रदेश

अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की तानाशाही से रीवा सतना के लोग हो रहे प्रताड़ित… शिव सिंह

कलयुग की कलम रीवा

रीवा 1 नवंबर 2020… जनता दल सेक्यूलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस अवसर पर पूंजीपतियों उद्योगपतियों की गोद में सोई हुई मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के दुख दर्दो से सरकार को तनिक भी पीड़ा नहीं है सरकार ने रीवा सतना क्षेत्र को औद्योगिक हब बनाने का तो काम कर दिया लेकिन क्षेत्रीय लोगों को रोजगार एवं उनके सुख सुविधाओं का कतई ध्यान नहीं रखा तथा सरकार औद्योगिक मालिकों को खुला संरक्षण दे रखी है जिसके चलते आज दोनों जिलों के लोग प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं जेडीएस प्रदेश अध्यक्ष ने अल्ट्रा ट्रैक बेला सीमेंट प्रबंधन की तानाशाही का खुलासा करते हुए कई ज्वलंत बिंदुओं को सामने रखा है
प्रबंधनने दर्जनों गांव का सड़क मार्ग किया बंद
सन 1990 में निर्मित छिजवार बैजनाथ सोनरा लिंक रोड जिसकी दूरी 10 किलोमीटर है उक्त सड़क मार्ग को सोनरा क्रेशर हाउस चौराहा के पास अल्ट्राटेक कंपनी ने पूरी तरह बंद कर दिया है उक्त मार्ग बंद होने से रीवा सतना के दर्जनों गांव मधेपुर सोनरा नरौरा बैजनाथ हिनौती बेला देवरा कटिगा अन्य कई गांव शामिल हैं तथा अब दूसरे सड़क मार्ग से 10 किलोमीटर की जगह 18 किलोमीटर की दूरी आम नागरिकों को तय करना पड़ रहा है प्रबंधन का ऐसा कदम गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है
वायु प्रदूषण
फैक्ट्री में उपयोग होने वाला कोयला जिप्सम बॉक्साइट यह तीनों स्वास्थ्य की दृष्टि से खतरनाक खनिज पदार्थ हैं जो हवा में फैलकर ग्राम वासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं जबकि औधोगिक गाइडलाइन के आधार पर तीनों खनिज पदार्थों को बंद कैप्सूल यानी सेड मैं रखा जाना चाहिए व खनिज पदार्थ में समय-समय पर पानी का छिड़काव होना चाहिए जिससे प्रदूषण को रोका जा सके लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उक्त तीनों खनिज पदार्थों को खुले स्थान पर पलट दिया जाता है जिससे वायु प्रदूषण के चलते लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं इसी तरह आसपास की सड़कें फैक्ट्री के भारी वाहन निकलने से जमींदोज हो गई है जिससे भी व्यापक प्रदूषण बढ़ रहा है क्षेत्र के आसपास सफाई एवं लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं है न ही वायु प्रदूषण रोकने के कोई इंतजाम है
जल प्रदूषण
फैक्ट्री क्षेत्र के आसपास जो माइंस चल रही हैं उन्हें लगभग 200 से 300 फिट तक खोद दिया गया है खोदी गई माइंस का जो ब्लास्टिंग मटेरियल मिला हुआ दूषित जल है उसे दिल्ली की एक कंपनी को ठेका देकर लगभग 27 डीजल पंपो के माध्यम से प्रदूषित जल को करियारी नदी में गिराया जा रहा है जिससे जीव जंतु मर रहे हैं आम नागरिक जल प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं तथा औद्योगिक क्षेत्र का जल स्तर गिरता जा रहा है जिससे आसपास के किसानों के सामने जल संकट उत्पन्न है जबकि प्रबंधन उक्त प्रदूषित पानी को फिल्टर करके सुरक्षित कर सकता था
वृक्षारोपण
कंपनी द्वारा माइंस के लिए जो वृक्ष काटे गए थे उनके बदले 10 गुना वृक्ष लगाने थे लेकिन नहीं लगाए गए तथा जेपी प्रबंधन के समय जो वृक्ष लगाए गए थे उनका रखरखाव नहीं किया जा रहा है जो नष्ट हो रहे हैं इसी तरह 233 हेक्टेयर भूमि की जो नई लीज बनवाई गई है उसमें 10 हजार वृक्ष काटे जाना है उन वृक्षों के बदले नए वृक्ष लगाने की कोई कार्य योजना अभी तक तैयार नहीं की गई है तथा खोदी गई भूमियों का अभी तक समतलीकरण नहीं किया गया
निकाले गए मजदूर
मध्य प्रदेश सरकार एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते पूर्व जेपी कंपनी के समय से कार्यरत लगभग 560 मजदूरों को काम से बाहर कर दिया गया है जिसके चलते मजदूरों के पास रोजी रोटी का संकट उत्पन्न है श्री सिंह ने तमाम समस्याओं को लेकर प्रशासनिक एवं न्यायलीन लड़ाई लड़ने की बात कही है

 

शिव सिंह एडवोकेट

प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्युलर मध्य प्रदेश

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