प्रयागराज

भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 145 वी जयंती शीश झुका कर श्रद्धा से मनाई गई

रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

प्रयागराज अक्टूबर एक ऐसे महामानव का जन्म दिन है जिन्होंने हमें एक महान राष्ट्र दिया, जिन्होंने खंड- खंड विभक्त भारत को एक कर बिशाल देश दिया।आधुनिक भारत के चाणक्य, भारत के लौह पुरुष ,भारत के बिश्मार्क, आधुनिक नौकर शाही के प्रणेता, स्वतंत्र भारत के गृहमंत्री ,राष्ट्र वाद के प्रबल धोतक, किशानो के मशीहा एवं भारतरत्न सरदार बल्लभ भाई पटेल के145वी जयंती पर शीश झुकाकर पूरे श्रद्धा और समर्पण तथा अंतर्मन सेश्रधांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन करता हूं आजादी के बाद भारत565 से अधिक रियासतों में विभक्त था भारत उस समय टुकड़ो-टुकड़ो में बटा था उस समय जूनागढ़, हैदराबाद ,भोपाल,मैसूर तथा जम्मू-कश्मीर जैसे रियासते थीं जो या तो एक अलग देश बनाना चाहते थे या पाकिस्तान के साथ जाना चाहते थे परंतू उस समय सरदार पटेल के रूप में ऐसा महान ब्यक्तित्व जिसमे चाणक्य की कूटनीतिऔर शिवाजी का शौर्य दोनो बखूबी थे।सरदार पटेल अपने सचिव बी पी मेनन के साथ मिलकर शाम,दंड और भेद का प्रयोग कर एक बिशाल भारत का निर्माण किया।ऐसे जन नायक, कुशलराजनीतिक प्रख्यात अधिवक्ता एवं मां भारती के बीर सपूत को यह राष्ट्र कभी नही भुला पायेगा ★लहू देकर मातृ भूमि की बुलंदी को सवांरा है∆फरिस्ते तुम हो वतन के तुम्हे सजदा हमारा है ।जय हिंद , जय सरदार, ।

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