उत्तरप्रदेश

महर्षि वाल्मीकि जयंती भव्य एवं सुरूचिपूर्ण ढंग से मनायी गयी

रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

चयनित मंदिरों एवं स्थलों पर दीप प्रज्जवलन व दीपदान के साथ-साथ वाल्मीकि रामायण पाठ का किया गया आयोजन

प्रयागराज महर्षि वाल्मीकि जयंती शनिवार को दिव्य, भव्य एवं सुरूचिपूर्ण ढंग से मनायी गयी। जनपद में चयनित 11 स्थलों/मंदिरों पर दीप प्रज्जवलन, भजन एवं वाल्मीकि रामायण के पाठ का आयोजन किया गया। चयनित मंदिरों/स्थलों में माता शान्ता-श्रृंग ऋषि मंदिर आश्रम, श्रृंगवेरपुर धाम, तहसील सोरांव, भारद्वाज आश्रम तहसील सदर, बड़े/लेटे हनुमान जी, त्रिवेणी संगम, तहसील सदर, महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थल, तहसील हण्डिया, मनकामेश्वर मंदिर, लालापुर, तहसील बारा, दुर्वाषा ऋषि आश्रम, ककरा दुबावल, तहसील फूलपुर, ब्रम्ह सुदिष्ट धाम, परानी पुर, तहसील मेजा, श्री चक्र माधव मंदिर, अरैल, तहसील करछना, श्री आदि वेणी माधव, अरैल, तहसील करछना, श्री तक्षकेश्वर नाथ, तक्षक तीर्थ, दरियाबाद, तहसील सदर, वाल्मीकि आश्रम, गडैला तहसील करछना में वाल्मीकि रामायण का पाठ दीपदान एवं दीप प्रज्जवलन का कार्यक्रम किया गया। पर्यवेक्षक के रूप में माता शान्ता-श्रृंग ऋषि मंदिर आश्रम, श्रृंगवेरपुर धाम में उपजिलाधिकारी सोरांव व खण्ड विकास अधिकारी कौड़िहार को नियुक्त किया गया था, इसी प्रकार भारद्वाज आश्रम में अपर जिला नगर मजिस्टेªट प्रथम, बड़े/लेटे हनुमान जी, त्रिवेणी संगम में अपर नगर मजिस्टेªट चतुर्थ, महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थल में उपजिलाधिकारी हण्डिया एवं खण्ड विकास अधिकारी हंण्डिया, मनकामेश्वर मंदिर लालापुर में उपजिलाधिकारी बारा, दुर्वाषा ऋषि आश्रम ककरा दुबावल में उपजिलाधिकारी फूलपुर एवं खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर, ब्रम्ह सुदिष्ट धाम, परानी पुर में उपजिलाधिकारी मेजा, श्री चक्र माधव मंदिर, अरैल में उपजिलाधिकारी करछना एवं खण्ड विकास अधिकारी, श्री आदि वेणी माधव मंदिर अरैल में उपजिलाधिकारी करछना एवं खण्ड विकास अधिकारी चाका, श्री तक्षकेश्वर नाथ, तक्षक तीर्थ, दरियाबाद में अपर नगर मजिस्टेªट तृतीय एवं वाल्मीकि आश्रम गडैला में उप जिलाधिकरी करछना को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था, जिनकी देख-रेख में कार्यक्रम सकुशल एवं भव्य ढंग से सम्पन्न हुआ। वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम के आयोजन के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री विजय शंकर दुबे को नोडल अधिकारी नामित किया गया था, जिनके अनुश्रवण में सभी चयनित स्थलों/मंदिरों पर वाल्मीकि रामायण पाठ, भजन, दीपदान एवं दीपप्रज्जवलन का कार्य सकुशल ढंग से सम्पन्न हुआ।

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