स्वतंत्र विचार

हिन्दुत्व के पीछे हिंदू ओ को बेवकूफ बनाकर देश को लूटना भाजपाई ओ का असल मक़सद

कलयुग की कलम

देश को लूटने, आर्थिक संसाधनों पर कब्जा करने की बड़ी साजिश को छुपाने के लिए हिंदुत्व, जैसा मुद्दा उछाला जा रहा है ताकि नौजवान और आम आदमी इस लूट पर ध्यान न दे सके, एक तरफ धर्म के नाम पर दंगा, नफरत खुलेआम, सरकार के संरक्षण फैलाई जा रही है, पुलिस मूकदर्शक है, महिलाए, बच्चियॉ इन आराजकता वादी तत्वों की शिकार बन रही है, नौजवान रोजगार के लिए परेशान है, ऐसे में श्रम कानून खत्म किए जा रहे है, गुलामो की तरह काम करो, ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, परमानेन्ट नौकरी के कानून की जगह, ठेकेदारी प्रथा, फिक्स टर्म जैसे शोषणकारी कानून आ गए हैं, ऐसे समय में जब सब जगह अराजकता और तनाव है, ऐसे में हरेक पूँजीपति की सम्पति बेताहासा बढ़ गई है, एक अनुमान के अनुसार पिछले 6 वर्ष में जो पूँजीपतियो को मुनाफा हुए हैं, यदि उनको जोड़ा जाए तो वह इतना पैसा है, जितना हमारी सरकार एक वर्ष के लिए, अपने देश के लिए बजट करती है, यह पैसा अचानक नहीं गया है, योजना से किया गया है, आज देश के एक प्रतिशत लोगों के पास, देश के लगभग 70 फीसदी जनता के, धन के बराबर धन है । अमीरी गरीबी बहुत ही तेजी से बढ़ रही है, असमानता की खाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है ।

इसी लिए हिंदुत्व जैसा तगड़ा एजेंडा बहुत जरूरी हो गया, ताकि देश के नौजवान, आम जनता पूरे नशे में रहे, दंगे हो, लोग आपस में लड़े मरे, ताकि इस लूट के बारे में सोच भी न पाये ।

देश के नौजवानो, देश को बचाने के लिए, आगे आओ, असल विषयों पर बहस के लिए तैयार हो, निजीकरण के नाम पर देश को बेचने से रोको, रोजगार, शिक्षा स्वास्थ्य पर बहस करो, नौकरी क्यों नहीं मिल रही है, ये सवाल उठाओ, देश के किसानों की दुर्दशा पर सवाल उठाओ, इन विदेशी, लुटेरे, कोपरेट कंपनियों को भगाओ, देश को ओने पोने दामो में बिकने से बचाओ ।

असल मुद्दॊ से भटकाने की साजिश को रोको, सब मिलकर बुलंद आवाज़ उठाओ, अंध भक्ति से बाहर निकलो, थोड़ा दिमाग पर जोर दो, सब समझ में आ जाएगा ।

देश में अमन चैन रहेगा, तभी देश आगे बढ़ेगा सभी लोग अपने अपने धर्म, मजहब को माने, एक दूसरे से नफरत न हो, तभी हम विश्व शक्ति बन सकते है ।

यह हिंदुत्व, शुद्ध रूप से राजनैतिक एजेंडा है, देश की सम्पति, संसाधनों को लूटना इनका असल मक़सद है, इसका हिंदू धर्म से कोई लेना देना नहीं है ।

 

हिन्दुत्व की आड़ मे देश बेच दीया

लाल किला बिक गया…

रेलवे स्टेशन बिक गये…

एयरपोर्ट बिक गये …

कोयले की खदानें बिक गयी …

रेलगाड़ी बिक गयी …

बन्दरगाह बिक गया …

बेचने की तैयारी…..

LIC बिकेगी …

IDBI बिकेगी …

एयर इंडिया बिकेगी …

BSNL बिकेगा …

ONGC बिकेगी …

Indian Oil बिकेगा …

HPCL बिकेगा …

BPCL बिकेगा …

BEML बिकेगा …

CONCOR बिकेगा …

मोदी कहते थे देश नहीं बिकने दूंगा और अब तो बस देश का नाम ही बचा है

बेचना बहुत आसान काम है

इस मोदी सरकार नें एक भी सार्वजनिक उपक्रम बनाया हो कोई बता सकता है ??

भाइयों बेचने के लिये नहीं कुछ नया पैदा करने के लिये मोदी ने सरकार बनायी थी बेचने का काम तो कोई भी आम आदमी कर सकता है ?

क्या ऐसी सरकार जनता के हित में है ???

जनताको गम्भीरता से सोचना होगा ???

 

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