उत्तरप्रदेश

भ्रष्टाचार, एस्ट्रोसुर, कलयुगी बलात्कारी व अपराधियों का पुतला दहन करके पीडब्ल्यूएस ने मनाया विजय दशमी

सुभाष चंद्र पटेल रिपोर्टर नैनी प्रयागराज

भ्रष्टाचार, एस्ट्रोसुर, कलयुगी बलात्कारी व अपराधियों का पुतला दहन करके पीडब्ल्यूएस ने मनाया विजय दशमी

 

 

कोरोनामुक्त विश्व हेतु संगम तट पर सामूहिक हवन।

-देवालय से सामाजिक व शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रांति का महाअभियान।

-एक ईंट व एक रुपये से सदस्यता का शुभारंभ।

 

प्रयागराज संगमपीडब्ल्यूएस परिवार ने नए अंदाज में विजय दशमी मनाते हुए रावण के बजाय भ्रष्टाचार, एस्ट्रोसुर, कलयुगी बलात्कारी व अपराधियों का पुतला दहन करते हुए कोरोनामुक्त विश्व हेतु हवन के बाद देवालय से सामाजिक व शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रांति का महाअभियान का शुभारंभ किया।

जानकारी के अनुसार आज पीडब्ल्यूएस परिवार के स्वयंसेवक प्रयागराज में मां गंगा जी के किनारे संगम तट पर कोरोनामुक्त विश्व हेतु सामूहिक हवन किया तथा रावण के बजाय भ्रष्टाचार, एस्ट्रोसुर, कलयुगी बलात्कारियों व अपराधियों का पुतला दहन करके विजय दशमी मनाई। इस अवसर पर मां गंगा जी की जलधारा में खड़े होकर देवालय से सामाजिक व शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रांति का महाअभियान का संकल्प लेकर उसका शुभारम्भ किया गया। पीडब्ल्यूएस प्रमुख आर के पाण्डेय एडवोकेट के अनुसार यह महाअभियान में आज से आगामी 111 दिनों के अंदर जुड़ने वाले सभी सहयोगी आजीवन सम्मानित सदस्य होंगे। बता दें कि कोई भी राष्ट्रभक्त हिंदुस्तानी नागरिक स्वैच्छिक आस्था से मात्र एक ईंट व एक रूपये या यथासम्भव सहयोग से इस महाअभियान से जुड़ सकता है। इस अवसर पर यूपी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक गुप्ता, प्रदेश महामंत्री अवधेश चौहान, प्रयागराज जिलाध्यक्ष देवांशु मिश्र, उपाध्यक्ष आशीष वर्मा, कोषाध्यक्ष जगदीश प्रसाद त्रिपाठी, भोजन वितरण प्रभारी रामू केशरवानी व सर्वेश कुमार शुक्ल आदि महाअभियान से जुड़े व समाज के अधिकतम लोगों को इस महाअभियान से जोड़ने का विचार व्यक्त किया।

बता दें कि इस महाअभियान के तहत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में केंद्रीय व अन्य स्थानों पर ऐसे देवालय व शिक्षालय की स्थापना की जाएगी जोकि जनता के द्वारा जनता के लिए जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आधारित सर्व समाज हेतु आस्था का केंद्र होगा। समाजसेवी आर के पाण्डेय एडवोकेट के अनुसार इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य देश में एक समान, संस्कारित, व्यवहारिक व आत्मनिर्भरता प्रदायक शिक्षा की व्यवस्था के साथ भ्रष्टाचारमुक्त व राष्ट्रहित में सामाजिक कार्य को समर्पित राष्ट्रभक्तों का निर्माण करना है।

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