मध्यप्रदेश

अंततः सत्य की जीत होती है. अब इतिहास बनती जा रही

अश्वनी बड़गैयाँ, अधिवक्ता स्वतंत्र पत्रकार

अब तो यही सच बनता जा रहा है – असत्य की जीत हो रही है. ईमानदार, सच बोलने वाले राजनीती से किनारा कर चुके है. सत्य तो यह है कि देश की बागडोर दोगलों, हत्यारों, कुकर्मियों, लुटेरों, देशद्रोहियों के हाथों में दिख रही है

 

राजनीती कोठे से भी ज्यादा बदनाम, राजनीतिज्ञों का चाल – चरित्र – चेहरा देह व्यापार करने वालों से भी ज्यादा दागदार घिनौना हो चुका है

 

इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार आमजन हैं. जो चंद टुकड़ों में अपना जमीर बेच कर दोगलों, हत्यारों, कुकर्मियों, लुटेरों, देशद्रोहियों को अपना प्रतिनिधि चुनकर लोकतंत्र के मंदिर में भेजते हैं

अश्वनी बड़गैयाँ, अधिवक्ता स्वतंत्र पत्रकार

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