उत्तरप्रदेश

पीडब्ल्यूएस का शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रांति का महाअभियान

सुभाष चंद्र पटेल रिपोर्टर नैनी प्रयागराज

111 दिनी अभियान के सभी सहयोगी होंगे सम्मानित सदस्य।

समान, व्यवहारिक व आत्मनिर्भर शिक्षा।

एक ईंट एक रुपये से महाक्रांति।

प्रयागराज संगम तट प्रयागराज से पीडब्ल्यूएस परिवार ने शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रांति के महाअभियान का संकल्प लिया है।जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूएस प्रमुख आर के पाण्डेय एडवोकेट ने उपरोक्त आशय की घोषणा करते हुए बताया कि स्वतन्त्रता प्राप्ति के 73 वर्षों बाद भी भारत वर्ष में एक समान, व्यवहारिक व आत्मनिर्भर राष्ट्रभक्त निर्माण की शिक्षा व्यवस्था न होना दुखद है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि एक ही देश में स्टेट बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएससी, आईएससी, उर्दू, हिंदी, संस्कृत आदि विभिन्न माध्यम व बोर्ड के जरिये प्राइमरी, कान्वेंट, मदरसे, गुरुकुल, सरकारी, प्राइवेट आदि न जाने कितने स्कूल व विभेदकारी शिक्षा व्यवस्था है। आर के पाण्डेय ने पूछा कि क्या किसी जज, मंत्री व बड़े उद्योगपति का बच्चा आज सरकारी प्राइमरी स्कूल में पढ़ता है अथवा क्या देश का सबसे गरीब व्यक्ति राजधानी के सबसे बड़े महंगे स्कूल में पढ़ सकता है? आखिर इस तरफ सरकार, सामाजिक संस्था व जनता कब देखेगी? पीडब्ल्यूएस प्रमुख ने बताया कि उनकी संस्था ने शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रांति हेतु श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम केंद्रीय व अन्य स्थानों पर ऐसे शिक्षालय की स्थापना का संकल्प लिया है जिसमें सबसे अमीर व सबसे गरीब तथा प्रत्येक वर्ग व सम्प्रदाय के लिए एक समान, व्यवहारिक व आत्मनिर्भर शिक्षा की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि उनका सपना इन शिक्षा केन्द्र से ऐसे आत्मनिर्भर राष्ट्रभक्त हिंदुस्तानी नागरिकों का निर्माण करना है जोकि भ्रष्टाचारमुक्त भारत व राष्ट्रहित में सामाजिक कार्य अभियान को सफल बनाते हुए विश्वगुरु आत्मनिर्भर भारत रूपी नव राष्ट्रनिर्माण कर सकें। व्यवस्था के प्रश्न पर उन्होंने बताया कि यह शिक्षालय पूर्णतया लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर आधारित जनता के द्वारा, जनता के लिए, जनता की व्यवस्था पर संचालित होंगे जिसके लिए आगामी विजय दशमी से प्रारम्भ होकर 111 दिनों तक मात्र एक ईंट व एक रुपये व आस्था के अनुसार यथासम्भव सहयोग करके कोई भी राष्ट्रभक्त हिंदुस्तानी नागरिक इस महाअभियान का हिस्सा बन सकता है। पीडब्ल्यूएस प्रमुख ने बताया है कि इन 111 दिनों के अंदर इस महाअभियान से जुड़ने वाले सभी सहयोगी इस व्यवस्था के सम्मानित सदस्य होंगे।

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