मध्यप्रदेश

 निचोड़ ये की पुलिस के जिन कृत्यों से आर्थिक भ्रष्टाचार होते है वे अधिकार वापस ले लिए जाय पुलिस केवल कानून व्यवस्था भादवी व उससे जुड़े माइनर एक्ट,वीआईपी सुरक्षा देखे 

विगत कुछ दिनों से पुलिस विभाग में आर्थिक भ्रष्टाचार की निरंतर खबरे सुनाई दे रही है इससे विभाग की छवि खराब होने के साथसाथ उसकी कार्य क्षमता पर भी असर हो रहा है।

  मेरा सुझाव है कि ऐसी स्थिति से उबरने के लिए ,कुछ उपाय किये जा सकते है।

जैसे कुछ विषयो में कार्यवाही करने के अधिकार पुलिस विभाग से ले लेना चाहिए ,जिसके लिए शासन ने अलग से भारीभरकम विभाग बना रखे है ,जो सफेद हाथी साबित हो रहे है।

    पुलिस से आबकारी में कार्यवाही करने के अधिकार वापस ले लेना चाहिए आबकारी विभाग इसमें कार्यवाही करें बहुत बड़ा महकमा है जो छुटपुट कार्यवाही कर काम की इतिश्री समझता है अपने कार्यलयों से बाहर नही निकलते है।

  दूसरे नार्कोटिक्स की कार्यवाही नार्कोटिक्स विंग या सेंट्रल एक्सएज़ करे,भारी भरकम नार्कोटिक्स विंग एक दो केस बना कर आराम करता रहता है।

तीसरे रेत पर कार्यवाही खनिज विभाग या राजस्व विभाग कार्यवाही करें जैसे आजकल बिजली में कार्यवाही बिजली विभाग प्राणियों के लिए वन विभाग,खाद्य के लिए खाद्य विभाग कार्यवाही करता है।

  इससे होगा ये की पुलिस पर से अनावश्यक काम का बोझ कम होगा और आर्थिक भ्रष्टाचार की शिकायत नही होगी पुलिस को कानून व्यवस्था व भादवी के अपराधों में अनुसंधान के लिए पर्याप्त समय मिलेगा ।

  जुए सट्टे की कार्यवाही के अधिकार सायबर क्राइम या वाणिज्य कर विभाग को दे देना चाहिए , वाणिज्य कर विभाग चाहे तो पुलिस की मदद ले सकता है ।

   निचोड़ ये की पुलिस के जिन कृत्यों से आर्थिक भ्रष्टाचार होते है वे अधिकार वापस ले लिए जाय पुलिस केवल कानून व्यवस्था भादवी व उससे जुड़े माइनर एक्ट,वीआईपी सुरक्षा देखे

  इससे पुलिस की कार्य प्रणाली सुधरेगी ,भ्रष्टाचार की शिकायतों में बहुत कमी आएगी।पुलिस अपना क्वालिटी टाइम पोलिसेसिंग करने में गुजारेगी ।

न रहेगा बांस न बजेंगी बांसुरी

मुझे लगता है मेरी बात से सहमत होने में कोई हर्ज नही है वे सहमत नही होंगे जिन्हें येनकेन प्रकारेण पैसा चाहिए ।

मेरे सुझाव पर विचार कर सकते है कोई हर्ज या नुकसान नही है ।

जय हिंद जय भारत

अमित सिंह परिहार पत्रकार इन्दौर📱9691982401

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