छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास मॉडल की वैश्विक पहचान बन रही-उपाध्याय 

राजेश सिन्हा कलयुग की कलम राष्ट्रीय समाचार पत्रिका न्यूज़ वेबसाइट कोरिया

 छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास मॉडल के संबंध में यह यह बात शायद काफी कम लोगों को भी पता होगी कि इस वर्ष के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अभिजीत बनर्जी ने छत्तीसगढ़ के नरवा गरवा घुरवा और बाड़ी, हाट बाजार क्लीनिक योजना, सुपोषण अभियान और एथेनाल प्रोजेक्ट्स की दूरगामी योजनाओं की खुलकर तारीफ की है। नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत ने छत्तीसगढ़ सरकार के आर्थिक मजबूती से जुड़े कार्यक्रमों एवं योजनाओं को विशिष्ट बतलाया है।

यह बात भी काफी कम लोगों को पता होगी नरवा गरवा योजना, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को सामना करने के लिए एवं कृषि लागत को कम करने के लिए भी उपयुक्त है। माननीय मुख्यमंत्री जी जब अमेरिका प्रवास पर गए थे जब छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था एवं आर्थिक विकास के बहुत सारे मामलों को उन्होंने वैश्विक पटल पर उठाया था। इसी तारतम्य में उन्होंने हावर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित भारत सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के मॉडल को प्रस्तुत किया था। संभवत उस समय सीएम भूपेश बघेल जी की पहली विदेश यात्रा थी। अमेरिका प्रवास के दौरान कृषि पर आधारित छत्तीसगढ़ की नवीन योजनाओं की विस्तार से बात हुई थी एवं अमेरिकी निवेशकों से छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने के लिए प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई थी।

उस समय सीएम साहब ने सैन फ्रांसिस्को के सिलीकान वैली रेडवुड में ऑटोग्रिड सिस्टम के औद्योगिक प्रतिनिधियों और निवेशकों से भी मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीतियों पर चर्चा की थी ।उस समय 250 निवेशकों ने इस चर्चा में भाग लिया था।। निश्चित रूप से विगत वर्ष से लेकर अब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए जो शासकीय योजनाएं राज्य में क्रियान्वित हुई है इसीलिए सफल है क्योंकि योजनाओं के क्रियान्वयन के पहले उसका गहन अध्ययन कर योजनाएं लागू की गई। ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक विकास की नीतियों को राज्य की जनता ने सराहा है ।खेतिहर मजदूर से लेकर कृषक सभी आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं ।आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की कृषि नई तकनीक नई सुविधाओं के साथ सामने आएगी और हमारा छत्तीसगढ़ राज्य और खुशहाल होगा ऐसी उम्मीद की जाती है ।माननीय मुख्यमंत्री जी का भी कहना है किसी भी देश का भूगोल उस देश की अर्थव्यवस्था तय करता है । मजबूत कृषि बेहतर अर्थव्यवस्था खुशहाल किसान छत्तीसगढ़ राज्य का भी यही लक्ष्य है। विश्वव्यापी मंदी के बावजूद छत्तीसगढ़ खुशहाल ही रहा है, ऐसी उम्मीद की जाती है कृषि व्यवस्था के मजबूत नीतियों के कारण ही आने वाले समय में राज्य से अशिक्षा गरीबी भुखमरी और शोषण मैं काफी कमी आएगी । ऐसी उम्मीद की जा सकती है।

सतीश उपाध्याय

मनेंद्रगढ़ कोरिया 93000 91563. कोरिया राजेश सिन्हा राष्ट्रीय पत्रिका कलयुग की कलम

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