मध्यप्रदेश

सनातनी संस्कृति की रक्षा के लिए राजनीतिक क्षेत्र में भगवा प्रतिबंधित किया जाय

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सनातन धर्म में वर्णित चार आश्रमों में सन्यास आश्रम को सर्वश्रेष्ठ आश्रम का दर्जा दिया गया है । सन्यास आश्रम का ड्रेस कोड है भगवा । भगवा वस्त्रधारी को देखकर श्रद्धा से वशीभूत होकर हिन्दुओं के साथ ही अन्य धर्मावलंबियों का सीना चौड़ा हो जाता है और सिर भी श्रद्धा से झुक जाते हैं ।

इतिहास गवाह है कि देश की आज़ादी में भगवे का योगदान शिखर पर रहा है । भगवे ने देश की राजनीति के गिरेबान में हाथ डालकर उसे पथभृष्ट नहीं होने दिया । भगवे के मान सम्मान में कुर्बानियां तक दी गई है । कोई भी भगवे को आग लगाना तो दूर भगवे को कुदृष्टि से देखने का साहस तक नहीं कर पाता था ।

आज भगवाधारियों ने भगवे को कलंकित करके रख दिया है । भगवाधारियों के राजनीतिक प्रवेश और राजनीति की गंदगी को आत्मसात करने के कारण भगवाधारियों को सम्मान की जगह नफ़रत, घृणा से देखा जाता है । राजनीतिक भगवाधारियों के चारित्रिक पतन का ही दुष्परिणाम है कि आज भगवे को जलाया जा रहा है ।

हक़ीक़त यह है कि कतिपय राजनीतिक दल, उससे जुड़ी संस्था भगवे रंग के झण्डे का सिम्बल बनाकर हिन्दुओं की भावनाओं को उभारते हुए अन्य जातियों के प्रति अपनी नफरती सोच को अमलीजामा पहनाकर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं । कारण कि इन नफरती विचारधारा के पोषकों को पता है कि भगवे के नाम पर हिन्दुओं का एकत्रीकरण किया जा सकता है ।

भगवावस्त्रधारी गुरु और चेलों ने हमाम में जिस नंगई लीला का खेल खेला है उसने सभी सनातनियों का सिर लज्जा से झुका दिया है । आसाराम बापू, बाबा रामपाल, रामनारायण, बाबा रामरहीम, बाबा सियाराम, रामकिशोर शुक्ला, स्वामी चिन्मयानंद, स्वामी नित्यानंद, बाबा दयानन्द, बाबा प्रेमानन्द, बाबा सचिदानंद, बाबा ललितानन्द, इच्छाधारी भीमानंद, निर्मल बाबा, फलाहारी बाबा, कुलदीप सेंगर, नारायण साईं, दाती महाराज, शांति सागर महाराज, ओमजी महाराज, महंत सुन्दरदास महाराज, मलखान गिरी, ज्योति गिरी, कुशाल गिरी, गोपाल कांडा, लाल शर्मा, कर्मयोगी, बाबा आशू गुरुदेव, मनोज वाकरे, झरोखा, पवन गुप्ता, अशोक तनेजा, अमरपुरी नँगा साधू, बालकनाथ, शैलेश भट्ट, अक्षय ठाकुर, जसवंत नई, संजीराम, बिहार ठाकुर, दीपक खजुरिया, हेमराज बुंदेला, विजय कुमार पांडे, तिलकराज, विनय शर्मा, करणी सिंह, मुकेश सिंह, राधेश्याम नई, अशोक भगत, मस्ताना बाबा, बाबा हरदेव, देवकीनंदन ठाकुर, विनय शर्मा, उमेश बाजपेयी, मोहनलाल खट्टर, रामकिशोर त्रिवेदी, शिवम द्विवेदी, हरिशंकर द्विवेदी आदि द्वारा कुकर्मों से अर्जित की हुई विश्व स्तरीय ख्याति गूगल, यूट्यूब पर दर्ज होने का कीर्तिमान बना चुकी है ।

साध्वी निरंजन ज्योति, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, साध्वी प्राची, साध्वी ऋतम्भरा, साध्वी उमा भारती, राधे माँ, स्वामी साक्षी महाराज, योगी आदित्यनाथ हमेशा अपने विवादास्पद बयानों के कारण आलोचनाओं के कठघरे में रहते हैं ।

योगी आदित्यनाथ, स्वामी साक्षी महाराज, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, साध्वी उमा भारती, साध्वी निरंजन ज्योति अपने राजनीतिक बयानों को लेकर हमेशा विपक्षी दलों के निशाने पर होते हैं । हाल ही में उत्तरप्रदेश में हुई दुष्कर्म की घटनाओं तथा शासन, प्रशासन की अराजक कार्रवाईयों को लेकर पूरे देशभर में धरना प्रदर्शन किया गया । कई जगहों पर मुख्यमंत्री के पुतले जलाये गये । चूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहनावा भी भगवे वस्त्रों का ही है तो स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री के प्रतीतात्मक पुतले को भी भगवा वस्त्र ही पहनाया जायेगा । जब पुतले में आग लगेगी तो भगवा भी जलेगा । इस आग के लिए प्रदर्शनकारियों से ज़्यादा भगवाधारियों के आचरण जिम्मेदार हैं । जिनकी दूषित मानसिकता के कारण सनातन धर्म, परम्परा, संस्कृति का प्रतीक भगवा जल रहा है ।

राजनीतिकदलों, उनके अनुसांगिक संगठनों, राजनीतिक क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के पहनावे में भगवे रंग के वस्त्रों का उपयोग प्रतिबंधित किया जाना चाहिए वरना यूं ही सनातनियों को अपमानिता होते रहना पड़ेगा ।

बेशक़मंदिर मस्जिद तोड़ो बुलेशाह ये कहता

परप्यार भरा दिल कभी न तोड़ो

जिस दिल में दिलवर रहता

जिस पलड़े में तुले मुहब्बत

उसमें चांदी नहीं तोलना

कटनी से लेखक अश्वनी बड़गैया, अधिवक्ता स्वतंत्र पत्रकार

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