उत्तरप्रदेश

हाथरस की बेटी कंगना नहीं थी कि जिसे इंसाफ दिलाने के लिए न्यूज़ चैनल मुहिम चलाएं..यदि आप ऐसा कुछ सोच रहे हों तो सोचना बंद कर अपनी बेटी की सुरक्षा का इंतजाम खुद कीजिये..!

कलयुग की कलम

टीवी पर दिनभर रण्डरोवन करने वाला अगड़म गुहस्वामी चुप है..रूहबिका, लंजना लोम चुस्यन, रजतवा सहित तमाम पतुरकार ख़बरंडियां भी मौन हैं..!

अब इस देश में Y श्रेणी की सुरक्षा सिर्फ वैश्याओं को दी जाएगी..! हाथरस की बिटिया हम शर्मिंदा हैं इस महादेश में रात के अंधेरे में शव जलाया जाता है और धर्म के ठेकेदारों को लाज न आती हो, देशभक्ति का प्रमाण पत्र बांटने वाले पतुरकार रिया रिया शुशांत शुशांत कंगना कंगना चिल्लाने में लगे हों और मुद्दे से ध्यान भटकाने का कुत्सित प्रयास करते हों तो पूरे सिस्टम को समझना अधिक कठिन नहीं है । जिस महादेश में कोरोना जैसी विश्वव्यापी महामारी को नजरअंदाज कर सरकार गिराने व सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दिया जाये और जनता को जनार्दन कहने वाले लोग अपने अपने सुविधानुसार राष्ट्रवाद की व्याख्या करने लगें तो इस महादेश को आजाद कराने के लिए अपने जीवन न्योछावर करने वाले महापुरुषों के आत्मा को कितना कष्ट होता होगा इसका अंदाजा लगाया नहीं जा सकता है ।

कलयुग की कलम

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