उत्तरप्रदेश

गांव के विकास के लिये कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा -राहुल केसरवानीग्राम प्रधान

सुभाष चंद्र पटेल नैनी रिपोर्टर

गांव के विकास के लिये कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा राहुल केसरवानीग्राम प्रधान

रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल नैनी प्रयागराज

सहसों विकास खण्ड बहादुरपुर के कसेरुआ कला गांव से सम्बंधित शेखामतपुर मौजे का विवाद दशकों से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। जिसे सोमवार को ग्राम प्रधान राहुल केसरवानी ने विवाद को समझौते में बदल रास्ते का उद्घाटन कर युवा ग्राम प्रधान होने की मिशाल पेश की। इस बात को लेकर ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।

बता दें कि आजादी के बाद से ही मौर्या बस्ती-शेखामतपुर मौजा मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा था। उक्त मौजे के लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इतना ही नहीं शादी समारोह आदि में तो नाको चने चबाने पड़ते थे। ग्रामीणों ने पूर्व प्रधानों की तरह ग्राम प्रधान राहुल केसरवानी से भी चुनाव जीतने के बाद उक्त समस्या के निस्तारण हेतु आश्वासन लिया था। चुनाव जीतने के कुछ ही महीनों पश्चात ग्राम प्रधान ने सख्त रुख अपनाते हुए रास्ते का नाप तो करा दिया किन्तु उसके आगे का निर्माण वहीं ठप हो गया। ग्रामीणों को लगा कि ये प्रधान भी पूर्व प्रधानों की तरह जुमलेबाज है। इस बात को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं होने लगी। बात राहुल केसरवानी तक पहुंची तो आपसी सुलह समझौता कर रास्ते के विवाद का निबटारा कर नवयुवा, जोशीला, समझदार ग्राम प्रधान होने की मिशाल पेश की तो लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा। उक्त मार्ग का नामकरण बस्ती की सबसे बुजुर्ग 90 वर्षीया महिला चमेला देवी के नाम पर किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान राहुल केसरवानी ने कहा कि बेशक लोगों को लगा कि मैं भी पूर्व प्रधानों की तरह चुनाव जीतने के लिये जुमलेबाजी का स्वांग रचा लेकिन उक्त मार्ग का निर्माण करवा लोगों को उनके ही द्वारा कहे अपशब्दों पर मंथन करने के लिये विवश कर दिया। आगे कहा कि मैं सही समय के इंतजार में था, जब मुझे लगा कि अब सही समय आ गया है तो कार्य पूरा करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। इस अवसर पर क्रांतिगुरु गणेश बल्लभ दिवेदी, वीरेंद्र कुशवाहा, सतीश, नफीस अहमद, सिराज, आशीष, दिनेश, महेंद्र पटेल, सफाई सेवक राजेन्द्र, लालता, धीरेंद्र, राजेन्द्र, शेष, संजय सहित तमाम लोगों ने ग्राम प्रधान की भूरि-भूरि प्रसंशा किया।

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