मध्यप्रदेश

सरकारों को चाहिए कि किसी भी अध्यादेश को लाने से पहले सर्वे करें लोगों को जागरूक करें तब अध्यादेश लाएं किसी भी कानून को बनाने के पहले आम जनमानस को संतुष्ट करना जरूरी है जिस तरह चुनाव जीतने के लिए प्रचार पहले किया जाता है।

सरकारों को चाहिए कि किसी भी अध्यादेश को लाने से पहल सर्वे करें लोगों को जागरूक करें तब अध्यादेश लाएं किसी भी कानून को बनाने के पहले आम जनमानस को संतुष्ट करना जरूरी है जिस तरह चुनाव जीतने के लिए प्रचार पहले किया जाता है।

कलयुग की कलम

इससे किसी भी कानून के बनने और अध्यादेश आने के बाद विरोध होने की गुंजाइश बाकी नहीं रहेगी

अक्सरदेखा गया है कि सरकारों का रवैया सत्ता मैं आने के बाद बदल जाता हैं ।

विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

विपक्षजनमानस के फायदे को ना देखते हुए सत्ताधारी पार्टी के बनाए हुए अध्यादेश और कानून के खिलाफ खड़ी हो जाती है।

वही जनमानस भी यह सब देख कर विचलित होते हैं क्योंकि जो कानून और अध्यादेश लाए जाते हैं उसकी जानकारी आम जनमानस को नहीं होती

औरइससे भी भय का माहौल उत्पन्न होता है।

आमजनमानस अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं।

जिसपार्टी सरकार और प्रतिनिधि को चुना जाता है उसकी सारी योजनाएं और कानून जो भी बनाए जाते हैं उसे पारदर्शी प्राथमिकता के साथ पहले आम जनमानस के सामने रखा जाए उस प्रस्ताव पर आम जनमानस की भी प्रतिक्रिया ली जाए और उस अध्यादेश और कानून के बारे में जागरूक किया जाए फिर उसे अमलीजा़मा पहनाया जाए जिससे होने वाले विरोध और विपक्ष के द्वारा उठाए जाने वाले सवालों का जवाब आम जनमानस स्वयं ही दे सकें और असमंजस में ना रहते हुए हर योजना और कानून का लाभ उठाया जा सके

आज के समय में विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पहले विरोध और फिर समझौता यह प्रतिक्रिया देखी जा रही है।

सत्ताधारी पार्टियों को जनमानस की भलाई और नफे के लिए कानून अध्यादेश योजनाएं सरल कर के लाना चाहिए

घुमाफिरा कर आम जनमानस को दुविधा में डालना उचित नहीं

इस समय मीडिया भी मूल मुद्दों से भटकी हुई है व्यक्तिगत समाजिक आर्थिक और व्यवसाय रोजगार और ज्वलंत मुद्दे जिससे आम जनमानस पीड़ित है उन पर कोई चर्चा और विश्लेषण नहीं हो रहा है।

देश के चौथे स्तंभ को मूल मुद्दों में लाने के लिए आम जनमानस को लगातार आवाज उठाने की आवश्यकता है।

इस देश और समाज को आगे ले जाने जनमानस के आक्रोश को रोकने के लिए देश को उन्नति प्रगति और विकासशील बनाने के लिए हर एक शाखाओं संस्थाओं को कार्य करना चाहिए

इन दिनों किसान भाई भी लगातार परेशान और विचलित नज़र आ रहे हैं।

एक अध्यादेश को कानून बनाया गया है ।

जिसको लेकर आम जनमानस अन्नदाता किसान भाई बुरी तरह से परेशान नज़र आ रहे हैं उनकी परेशानी और चिंता को समझ कर कानून को सरल बना कर समझाने की कोशिश करना आवश्यक है।

आवाज आम जनमानस की

           लेखक

   अब्दुल कादिर खान

      कलयुग की कलम

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