प्रयागराज

नियम विरुद्ध नियुक्ति से कागजी आंगनबाड़ी कार्यकत्री विहीन सेंटर

नियम विरुद्ध नियुक्ति से कागजी आंगनबाड़ी कार्यकत्री विहीन सेंटर

नियम विरुद्ध नियुक्ति से कागजी आंगनबाड़ी कार्यकत्री विहीन सेंटर

K K K न्यूज रिपोर्टर

प्रयागराज

सुभाष चंद्र पटेल

तथ्यों से खिलवाड़ को बचाने में महकमा हलाकान।

शिकायत व आरटीआई वापस लेने हेतु आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता पर बनाया जा रहा दबाव।

विक्रमजोत, बस्ती, अपने अजब-गजब कारस्तानी के लिए मशहूर समेकित बाल विकास परियोजना में नियम विरुद्ध नियुक्ति का नया मामला सामने आया है जिसमे सीडीपीओ लक्ष्मी पाण्डेय द्वारा अपने चहेते गोंडा की सुमनलता पाण्डेय को बचाने में पूरे महकमा को हलाकान किया जा रहा है।
जानकारी के गोंडा के मनकापुर तहसील अंतर्गत छपिया ब्लॉक के धुसवा निवासी रवीश कुमार दूबे की पत्नी सुमनलता पाण्डेय की नियुक्ति आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर उनके मायके के पते को आधार बनाकर दूसरे जनपद बस्ती के विक्रमजोत ब्लॉक अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र रामनगर में की गई है जबकि वह अपने अवैध दूसरे विवाह के बाद गोंडा की निवासिनी हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुमनलता पाण्डेय अपने दो पुत्रों आयुष द्विवेदी व ऐश्वर्य द्विवेदी को पढ़ाने की जिम्मेदारी में व्यस्त हैं व तीसरे जनपद अयोध्या में रहना बताती हैं लिहाजा उनके पास आंगनबाड़ी सेंटर रामनगर (विक्रमजोत ब्लॉक) में जाने का कम समय मिलता है। यह भी संज्ञान में आया है कि सुमनलता पाण्डेय का अपने पहले पति से आपराधिक मुकदमा बस्ती कचहरी में चल रहा है व अभी तक प्रथम पति से तलाक तक नही हुआ है तथा वह रामनगर की निवासिनी भी नही हैं व न ही परित्यक्ता, तलाकशुदा, विकलांग, विधवा, दलित, पिछड़ा व अल्पसंख्यक की श्रेणी में ही आती हैं। बता दें कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर चयन हेतु उसी क्षेत्र का निवासिनी होना भी जरूरी है सुमनलता पाण्डेय के माता-पिता इसी क्षेत्र से ग्राम प्रधान रहे हैं जिसका नियुक्ति में लाभ मिलना स्वाभाविक ही है। प्रति माह तीन मुकदमों की पैरवी व एक आपराधिक वाद में जमानत पर चल रही सुमनलता पाण्डेय अपने दूर के रिश्तेदार सीडीपीओ लक्ष्मी पाण्डेय के संरक्षण में खुश है। यह भी चर्चा है कि सुमनलता व लक्ष्मी दोनो अयोध्या में निवास कर रही हैं लेकिन चौंकाने वाला सवाल यह है कि समस्त तथ्यों को छिपाकर आंगनबाड़ी की नौकरी कर रही सुमनलता पाण्डेय व सीडीपीओ लक्ष्मी पाण्डेय अधिकारियों पर इतनी भारी हैं कि इनसे प्रश्न तक करने की हिमाकत अधिकारी नही करते जिसका दावा खुद लक्ष्मी पाण्डेय ने कल रिपोर्टर के फोन पर किया है। उधर प्राप्त जानकारी के अनुसार इन समस्त मामलों में हाई कोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने विभागीय शिकायत के साथ अधिकारियों से आरटीआई ऐक्ट 2005 के तहत सूचना भी मांग रखी है। उधर शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि शिकायतों व आरटीआई को वापस लेने के लिए सीडीपीओ लक्ष्मी पाण्डेय व आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुमनलता पाण्डेय द्वारा अपने चहेतों के माध्यम से शिकायतकर्ता पर प्रत्यक्ष व उसके मोबाइल पर फोन कराकर दबाव बनाया जा रहा तथा शिकायत व आरटीआई वापस न लेने पर फर्जी एफआईआर झेलने व जान से हाथ धोने की भी धमकी दी जा रही है। फिलहाल शिकायतकर्ता ने इस विभागीय भ्रष्टाचार के विरुद्ध सफल लड़ाई का संकल्प ले रखा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close