प्रयागराज

भ्रष्टाचारमुक्त भारत व संस्कारयुक्त भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिक निर्णायक

भ्रष्टाचारमुक्त भारत व संस्कारयुक्त भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिक निर्णायक

भ्रष्टाचारमुक्त भारत व संस्कारयुक्त भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिक निर्णायक

 

नैनी

सुभाष चंद्र पटेल

धर्म,न्याय व देशभक्ति के लिए दूसरी क्रांति आवश्यक।

प्रयागराज नैनी भारत देश को भ्रष्टाचारमुक्त व संस्कारयुक्त बनाने के साथ ही धर्म,न्याय व देशभक्ति हेतु दूसरी क्रांति में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
जानकारी के अनुसार आज मीडिया से वार्ता में पीडब्ल्यूएस परिवार के संस्थापक आर के पाण्डेय एडवोकेट ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आजादी मिलने के 73 वर्षों में देश बढ़े जातिवादी वोटबैंक की राजनीति, भ्रष्टाचार, अन्याय व अधर्म से चारों और त्राहिमाम मचा हुआ है तो ऐसे समय में भ्रष्टाचारमुक्त व संस्कारयुक्त देश बनाने के साथ ही धर्म, न्याय व देशभक्ति के पुरस्थापना हेतु दूसरी क्रांति में शिक्षकों को सामने आकर अपनी बड़ी भूमिका निभानी होगी। एक शिक्षक अपने विद्यार्थी के माध्यम से भावी समाज का निर्माण करता है अतएव प्रत्येक शिक्षक को आज आदर्श समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की जरूरत है।

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