जम्मू कश्मीर

सरकारी संस्थानों का निजीकरण लोकतंत्र की हत्या साबित होगा -सुनीलमिश्रा केशवदास

देश की वर्तमान केन्द्र सरकार जिस तरह से एक एक करके सरकारी संस्थानों को देश के औद्योगिक घरानों को बेंचा व सौंपा जा रहा है यह कार्य आने वाले समय में भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली को विकलांग बनाकर रख देगा देश के आम नागरिक बँधुआ मजदूर बनने को मजबूर होगा और देश में जो सरकारें होगी वो इन पूँजीपतियों के हाँथ का खिलौना होगी भविष्य में सरकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हुआ करेगी क्योंकि देश का अर्थ पूँजीपतियों के हाँथ होगा और किसी संकट के समय जनता को सहयोग के लिए सरकारें पूँजीपतियों का मुँह देखेगी। अप्रत्यक्ष रूप से पूँजीपती ही देश का शासक होगा सरकारी सिस्टम को अपनी अँगुलियों पर नचायेगा राजनीतिक पार्टियों को चंदा देकर अपना गुलाम बनाकर आम जनता का पूँजीपती मनमानी शोषण करेगे उदाहरण के तौर पर प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट हास्पिटल देखो

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