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एक माँ की पीड़ा! – सुनीता गोस्वामी पिछले सात महीनों से अपने बच्चों से दूर रहने के लिए मजबूर हैं!

कलयुग की कलम

एक माँ की पीड़ा! – सुनीता गोस्वामी पिछले सात महीनों से अपने बच्चों से दूर रहने के लिए मजबूर हैं!

सुनीता गोस्वामी पिता चम्पा लाल निवासी जूनापानी हरदा का विवाह बिना के मनोज गोस्वामी से 2003 में हुआ। तीन बच्चे

शुभम 18 वर्ष

मुस्कान 16 वर्ष

हरिओम 13 वर्ष के हैं

विवाह के 12 साल के बाद पति को नशे की लत के कारण बार बार विवाद मार पीट कर के पति ने सुनीता को दो बच्चों के साथ घर से निकाल दिया

सुनीता सेवा धाम आश्रम श्याम पूरा में अनाथ बच्चों का खाना बनाने की नोकरी कर के अपना एवं दो बच्चों का जीवन यापन करने लगी एवं दोनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने लगी

छह साल बाद सुनीता का पति मनोज एक ओंकार सिंह ठाकुर नामक व्यक्ति के साथ सुनीता से बच्चों को छीनने के इरादे से आया और इल्ज़ाम लगाया कि सुनीता बच्चों का धर्म परिवर्तन करवाना चाहती है

पुलिस सुनीता से बच्चों को यह कह कर ले गई कि बच्चों के ब्यान के बाद बच्चों को सुनीता के पास वापस छोड़ देंगे

बच्चों ने बयान में बताया कि हमारा धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा रहा है एवं हम माँ के साथ रहना चाहते हैं तब भी पुलिस ने बच्चों को संजीवनी बाल आश्रम छोड़ दिया

सुनीता ने बच्चों को वापस पाने के लिए कोर्ट में केस दर्ज कराया है लेकिन तारीख पर तारीख दी जा रही है और माँ बच्चों की पीड़ा को कोई नहीं सुन रहा है

कोई संशय न रहे इसलिए सुनीता ने सेवा धाम आश्रम (ईसाई) की नोकरी छोड़ कर अन्यत्र नोकरी कर ली है।

उस माँ को बच्चे कब मिलेंगे!

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