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नियमित करो योग, शरीर को रखों निरोग – मोहित त्यागी अभिनेता 

कलयुग की कलम

नियमित करो योग, शरीर को रखों निरोग – मोहित त्यागी अभिनेता

मोहित त्यागी, अभिनेता,

अध्यक्ष, श्री सिद्धिविनायक फॉउंडेशन (SSVF)

आज आठवां अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस है, भारत सरकार की पहल पर 21 जून को हर विश्व योग दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा की सामान्य सभा में की गयी थी, देश-दुनिया ने पहला योग दिवस वर्ष 2015 में मनाया था, यह नरेन्द्र मोदी सरकार की एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी। योग के इतिहास के बारे में देखें तो यह दुनिया को भारत के द्वारा दिया गया एक बेहद अनमोल तोहफा है। शोधकर्ताओं के द्वारा ऐसा माना जाता है कि देश में भारतीय पौराणिक युग से योग की मजबूत जड़े जुडी हुई हैं। ऐसा माना जाता है कि योग के जन्मदाता हमारे आराध्य सर्वशक्तिमान भगवान शिव स्वयं थे, उन्होंने ही शरीर को निरोगी रखने वाली इस कला को जन्म दिया था। इसी के चलते ही भगवान शिव को आदि योगी के रूप में भी माना जाता है, उनको दुनिया के सभी योग गुरुओं का गुरु व प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।

देश की प्राचीन वैदिक संहिताओं के अनुसार योग के महान ज्ञाता तपस्वियों के बारे में प्राचीन काल से ही वेदों में उल्लेख मिलता है। दुनिया की प्राचीन सभ्यता सिंधु घाटी सभ्यता में भी योग और समाधि को प्रदर्श‍ित करती मूर्तियां प्राप्त हुईं। सनातन धर्म में साधु, संन्यासियों व योगियों के द्वारा योग सभ्यता को आदिकाल से ही अपनाया गया था। वहीं कुछ इतिहासकारों के अनुसार माना जाता है कि भारत में 5000 साल पहले इस शानदार योग कला की शुरूआत हुई थी। ऋग्वेद में योग के संदर्भ में पहली बार इस अवधि का उल्लेख किया है। हालांकि बाद में योग की पहली व्यवस्थित प्रस्तुति शास्त्रीय काल में महर्षि पन्तजलि के द्वारा की गई थी।

परंतु आम जनमानस में इस योग विधा का विस्तार हुए अभी बहुत ज्यादा समय नहीं बीता है। इसके बावजुद भी देश दुनिया में योग की महिमा और महत्व को जानकर लोग इसको अपनी स्वस्थ जीवनशैली रखने हेतु बड़े पैमाने पर अपनाने का कार्य कर रहे हैं, जिसका आज के समय में सबसे अहम कारण है लोगों की व्यस्त दिनचर्या, बेहद तनावपूर्ण जीवनशैली, मिलावटी खानपान, प्रदूषित आवोहवा और अस्वस्थ दिनचर्या में इस सभी के नकारात्मक प्रभाव से मुक्ति के लिए देश-दुनिया में बड़े पैमाने पर योग अपनाया जा रहा है। आज हर व्यक्ति योग के सकारात्मक प्रभाव से अपनी काया को निरोगी रखना चाहता है। हालांकि देखा जाये तो वास्तविक तथ्य यह है कि योग स्वस्थ्य जीवन जीने का एक सबसे कारगर तरीका है। योग हमारे मन और शरीर को नियंत्रित करके उसमें हर पल सकारात्मक ऊर्जा का संचार करके स्वस्थ रखने में मदद करता है। हमारे देश में आदिकाल से ही ऋषि मुनियों के द्वारा शोध की गयी विभिन्न योग मुद्राएं या आसन हैं जो हमारे शरीर को हर परिस्थिति में फिट और स्वस्थ रखने में भरपूर मदद करते हैं। जैसे कि प्राणायाम या सांस लेने का व्यायाम हमारे मन और आत्मा को फिर से जीवंत करने में मदद करते हैं। हमारे शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योगाचार्यों के द्वारा कहा जाता है कि हमें दिन की शुरुआत योग करने के साथ करनी चाहिए, जिस कड़ी में सर्वप्रथम प्राणायाम करना चाहिए, क्योंकि यह हमको बेहतर सोचने, मन को शांत रखने और शांतिपूर्ण रहने में मदद करता है। आज की भागदौड़ भरी जीवन शैली, असमय खानपान, अस्वास्थ्यकर मिलावटी आहार, जीवन पथ पर हर पल का तनाव आदि कारक हमारे शरीर में विभिन्न बीमारियों को जन्म दे देते हैं। अगर हम लोग नियमित योगा करते रहें तो योग के माध्यम से हम अपने शरीर को निरोगी रख सकते हैं और हर परिस्थिति से लड़ने के लिए शरीर को नियंत्रित कर सकते हैं। वैसे देखा जाये तो योग दिवस के आयोजन के चलते ही दुनिया में आम जनमानस के बीच योग के लाभकारी प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करने के कार्य हुआ है हालांकि यही इसका मुख्य उद्देश्य भी था। वैसे भी हर योग करने वाले व्यक्ति के निष्कर्ष के आधार पर यह निर्णय निकलता है, योग हमारे मन व शरीर को अनुशासित रखना सिखाता है। योग के निरंतर व्यवस्थित अभ्यास से हम अपनी नकारात्मक सोच को दूर कर सकते हैं, जिसके फलस्वरूप हमारे अंदर आत्मविश्वास की अथाह शक्ति का संचार होता है। योग हमारी मानसिक शक्ति को बढ़ाता है, जिससे हमारे अंदर आत्म-जागरूकता बढ़ती है और हमको अपने ध्यान और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद मिलती है, योग की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह हर उम्र व लिंग के लोगों के लिए बेहद लाभकारी है, इसका उपयोग करके बच्चे, युवा, बुजुर्ग, स्त्री और पुरुष सभी अपने शरीर को निरोगी रख सकते हैं यह सभी के लिए उपयुक्त है। यह दुनिया को हमारे देश भारत का एक बहुत बड़ा उपहार है।

 

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