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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा,आपको जन सलाह,आप नौकरी से इस्तीफा देकर, आर्केस्ट्रा खोल लो

कलयुग की कलम

पंडित प्रदीप मोदी

साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार

9009597101

 KKK न्यूज़/ मीडिया खबर है देवास जिले के खातेगांव में कोरोना का एक और मरीज मिला है,इसके साथ खातेगांव में दो दिन के अंदर कोरोना के तीन मरीज हो गए हैं। इंदौर में कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने की कवायद चल रही है। एक दो दिन में इंदौर में की गई सख्ती की खबरें भी हम तक पहुंचे। देशभर में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना व्यक्त की जा रही है, केन्द्र सरकार, प्रदेश सरकार संभावित सावधानी एवं आवश्यकताओं को लेकर बैठकें कर रही हैं, वहीं देवास जिले के खातेगांव में आलम ही कुछ और है।यह जानते हुए भी कि खातेगांव में ही दो दिन के अंदर कोरोना के तीन मरीज सामने आ चुके हैं और सत्तारूढ़ पार्टी के जनप्रतिनिधि एवं पार्टी नेता बिना मास्क,बिना सोशल डिस्टेंडिंग,जन्मोत्सव मना रहे हैं, रैलियों का आयोजन कर रहे हैं,स्वागत समारोह रख रहे हैं। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता ये सब करें, समझ में आता है,क्योंकि सत्ता,नेताओं के अंदर अहंकार के सुलेमानी कीड़े को जन्म दे देती हैं।वे नियमों के खिलाफ जाना अपना अधिकार समझ लेते हैं, लेकिन अधिकारियों को तो समझना चाहिए, अधिकारियों को खुद भी समझना चाहिए और सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं को भी कोरोना की गाइडलाइंस पालन करने के लिए समझाना चाहिए।यह अधिकारियों का कर्तव्य भी है और जिम्मेदारी भी।अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि देवास जिले में पदस्थ अधिकांशतः अधिकारियों ने प्रशासनिक पदों की मर्यादा धूलधूसरित करके पटक दी है। विधायक आशीष शर्मा यूं तो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं,जनता के हित की दुहाइयां देते हैं, खुद को भी भाजपा का अनुशासित सिपाही बताते हैं, फिर उनकी उपस्थिति में कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां कैसे उड़ी? यह जानते हुए भी खातेगांव में दो दिन के अंदर कोरोना के तीन मरीज सामने आ चुके हैं,विधायक आशीष शर्मा के चेहरे पर चिंता की लकीरें क्यों नहीं? ऐसे चिंता के समय भी विधायक आशीष शर्मा के चेहरे पर जन्मोत्सव का आनंद क्यों?क्या विधायक को अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है? यदि विधायक ही कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करेगा तो जनता क्यों करें? खातेगांव से जो भयभीत करने वाला वीडियो आया है,वह है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा का नेता की महफिल में गाना गाना। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा भाजपा मंडल अध्यक्ष के जन्मदिन कार्यक्रम में झूम-झूमकर गा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,एडिशनल एसपी, पुलिस विभाग का रुतबेदार पद और यहां इस पद पर गवैये बैठे हैं, जो नेताओं की महफिल में राग अलाप रहे हैं तथा एक गरिमामय पद को गरिमाविहीन कर रहे हैं।क्या डीजीपी महोदय सूर्यकांत शर्मा जैसे नेताओं की महफिल के होनहार बिरवान के लिए पुलिस विभाग में कोई नियम-कायदे है या नहीं? नेता की महफिल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा का नेता को आश्वस्त करते हुए गाने के रूप में यह कहना कि जान पे भी खेलेंगे, तेरे लिए ले लेंगे, सबसे दुश्मनी,डरा जाता है। इससे तो यही लगता है कि विधायक और जन्मदिन मनाने वाले नेता के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा किसी भी हद तक जा सकते हैं,ये नेताजी के कहने पर कर्तव्य को भी ठेंगा दिखा सकते हैं।क्या ऐसी अपरिपक्व मानसिकता के व्यक्ति को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद की जिम्मेदारी दी जाना चाहिए? सूर्यकांत शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद जिला देवास के लिए जनता की ओर से नि:शुल्क सलाह कि वे अपनी नौकरी से इस्तीफा दे और एक बढ़िया आर्केस्ट्रा खोल ले।

 

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